लखनऊ पेयजल गुणवत्ता की शिकायत मिलने पर जानकीपुरम विस्तार में प्रशासन एवं नगर निगम जल कल विभाग हुआ सक्रिय

Spread the love

ब्राम्ह अनुभूति अखबार यूपी लाइव न्यूज 24 उत्तर प्रदेश

संपादक प्रवीण सैनी

लखनऊ राजधानी लखनऊ के जानकीपुरम विस्तार क्षेत्र में पेयजल की गुणवत्ता को लेकर नगरवासियों की शिकायतों के बाद प्रशासन और जलकल विभाग सक्रिय हो गया है। क्षेत्र में गंदे पानी की शिकायत पर संबंधित विभागों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए जांच-पड़ताल की और विस्तृत निरीक्षण किया।

20 अगस्त 2025 की सायंकाल को सेक्टर-7, जानकीपुरम विस्तार में गंदे पानी की शिकायत दर्ज की गई थी। शिकायत प्राप्त होते ही मुख्य चिकित्साधिकारी (CMO) कार्यालय के प्रतिनिधियों तथा जलकल विभाग के अधिकारियों की टीम मौके पर पहुंची और पेयजल का संयुक्त परीक्षण किया। प्राथमिक भौतिक परीक्षण में पेयजल पूरी तरह साफ और शुद्ध पाया गया। इसके साथ ही पानी के चार नमूने जीवाणु परीक्षण तथा दो नमूने रासायनिक परीक्षण के लिए राज्य स्वास्थ्य संस्थान, अलीगंज, लखनऊ भेजे गए।

अगले दिन 21 अगस्त 2025 की सुबह पुनः जानकीपुरम विस्तार क्षेत्र का व्यापक निरीक्षण किया गया। इस दौरान विशेष रूप से सेक्टर-7 की पेयजल आपूर्ति पर ध्यान केंद्रित किया गया। निरीक्षण टीम ने पानी की गुणवत्ता की गहन जांच की, जिसमें फ्री क्लोरीन स्तर और अन्य मानकों की जांच शामिल रही। परीक्षण में पानी साफ, शुद्ध, सुरक्षित और सभी मानकों के अनुरूप पाया गया।

निरीक्षण के दौरान जलकल विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। इनमें महाप्रबंधक जलकल श्री कुलदीप सिंह, अधिशासी अभियंता श्री प्रदीप कुमार, पीएसएस श्री अरुण सिंह तथा कैमिस्ट श्री पुष्पेंद्र कुमार शामिल रहे। अधिकारियों ने मौके पर मौजूद रहकर परीक्षण प्रक्रिया की निगरानी की और क्षेत्रवासियों को आश्वस्त किया कि पानी की गुणवत्ता पर निरंतर निगरानी रखी जा रही है।

जीएम जलकल विभाग श्री कुलदीप सिंह ने बताया कि नागरिकों की सुरक्षा और स्वास्थ्य सर्वोपरि है। इसीलिए हर शिकायत को गंभीरता से लेकर त्वरित कार्रवाई की जा रही है। यदि किसी क्षेत्र में गंदे पानी की शिकायत मिलती है तो तुरंत जांच और परीक्षण कराए जाते हैं ताकि किसी भी प्रकार की स्वास्थ्य संबंधी समस्या न उत्पन्न हो। साथ ही, परीक्षण के लिए भेजे गए पानी के नमूनों की रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद और अधिक स्पष्टता आएगी।

उन्होंने यह भी बताया कि एहतियात के तौर पर पूरे क्षेत्र में टैंकर भी लगाए गए हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति में नागरिकों को पेयजल की आपूर्ति बाधित न हो। साथ ही, परीक्षण के लिए भेजे गए पानी के नमूनों की रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद और अधिक स्पष्टता आएगी।

उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में ऐसी शिकायतों से बचाव के लिए पेयजल आपूर्ति व्यवस्था की लगातार समीक्षा की जा रही है। पाइपलाइन और आपूर्ति तंत्र की समय-समय पर जांच सुनिश्चित की जाएगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *