यूपी लाइव न्यूज 24 उत्तर प्रदेश
उप संपादक संजय मिश्रा
बाराबंकी।सूबे की राजधानी लखनऊ से बहराइच,गोंडा, बलरामपुर,श्रावस्ती और नेपाल जाने वालों के लिए बड़ी खबर है।बाराबंकी-नेपाल हाईवे हाइब्रिड एन्युटी मॉडल आधारित बनेगा। 153 किलोमीटर लंबे इस 6 लेन हाईवे पर लगभग 27 हजार करोड़ रुपये खर्च होंगे।यूपी का दूसरा और पूर्वी क्षेत्र का पहला हाईवे होगा,ये पीपीपी मॉडल पर विकसित किया जाएगा।योगी सरकार के पेश किए बजट के बाद इस हाईवे के निर्माण को अब जल्द रफ्तार मिलेगी।
*पीपीपी मॉडल पर होगा विकास*
लखनऊ,पूर्वांचल और नेपाल के बीच आना-जाना आसान होगा।यात्रा में समय और परिवहन लागत में कमी आएगी। इससे पहले यूपी में हाइब्रिड एन्युटी माॅडल पर सिर्फ जेवर एयरपोर्ट को जोड़ने वाला मार्ग बना है।यह सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) माॅडल आधारित योजना है।योगी सरकार और निजी डेवलपर्स के बीच वित्तीय जोखिम को साझा करता है।इसमें 40 फीसदी परियोजना लागत का भुगतान सरकार निर्माण के दौरान करती है,जबकि 60 फीसदी विकासकर्ता लगाता है।
*हाइब्रिड एन्युटी मॉडल से होगा निर्माण*
बाराबंकी से बहराइच होते हुए नेपाल सीमा तक बनने वाला यह हाईवे क्षेत्रीय व्यापार,पर्यटन और औद्योगिक निवेश के लिए मील का पत्थर साबित होगा।परियोजना केंद्र सरकार और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की उस नीति का हिस्सा है, जिसके तहत बुनियादी ढांचे के तेज विकास के लिए हाइब्रिड एन्युटी माॅडल को बढ़ावा दिया जा रहा है।इसमें खास बात यह है कि छह लेन की जमीन लेकर बीच में फोरलेन का एक्सप्रेसवे बनाया जाता है।हाइब्रिड एन्युटी माॅडल में निजी डेवलपर को डिजाइन,निर्माण,वित्तपोषण और रखरखाव की जिम्मेदारी दी जाती है,जबकि सरकार वित्तीय जोखिम का बड़ा हिस्सा वहन करती है। इसके बदले में डेवलपर को 15 से 20 वर्षों तक निश्चित वार्षिकी भुगतान मिलता है,जिससे उसे स्थिर आय सुनिश्चित होती है।इस माॅडल पर अभी तक गुजरात,आसाम,मेघालय,कर्नाटक और बिहार हाईवे बनाया गया है।
*सीसी कैमरे से होगी राजमार्ग की निगरानी*
बनने वाले इस महत्वपूर्ण और हाईटेक हाईवे से बाराबंकी, बहराइच,गोंडा,बलरामपुर और श्रावस्ती जिले के लोगों को लाभ मिलेगा।सीसी कैमरे से राजमार्ग की निगरानी होगी। परियोजना में लगभग 153 किलोमीटर लंबे हाईवे को आधुनिक मानकों के अनुरूप विकसित किया जाएगा।सरयू, कल्याणी नदी,शारदा सहायक नहरों सहित कई जगहों पर पुल का निर्माण होगा।