ब्राम्ह अनुभूति अखबार यूपी लाइव न्यूज 24 उत्तर प्रदेश
संस्थापक संपादक प्रवीण सैनी
नई दिल्ली. टाटा स्टील मास्टर्स में नया इतिहास लिखा गया है. पहली बार किसी भारतीय ने इस खिताब को अपने नाम करने में कामयाबी हासिल की है. आर प्रज्ञानानंदा ने विश्व चैंपियन डी गुकेश को सडन डेथ के मुकाबले में हराकर टाटा स्टील मास्टर्स शतरंज खिताब जीता. दोनों ने नाटकीय टूर्नामेंट के आखिरी दिन हार का सामना करना पड़ा था लेकिन फिर भी रविवार को अंतिम दौर के अंत में टाई-ब्रेकर सेट किया.
गुकेश ने विश्व चैंपियन के रूप में अपना पहला खेल हारते हुए अपने साथी अर्जुन एरिगैसी के ऊर्जावान खेल के सामने झुक गए, जबकि प्रज्ञानानंदा विन्सेंट केमर के खिलाफ हार गए, जिनकी तकनीक अंतिम दिन बेहतरीन थी. दिलचस्प बात यह है कि शतरंज प्रेमियों को 2013 के कैंडिडेट्स टूर्नामेंट की याद दिलाई गई, जहां नॉर्वे के मैग्नस कार्लसन और रूस के व्लादिमीर क्रामनिक ने एक साथ बढ़त बनाई थी लेकिन दोनों हार गए थे. अंत में बहुत सारा ड्रामा हुआ क्योंकि गुकेश ने एक गलती की और प्रज्ञानानंदा ने विश्व चैंपियन को हरा दिया.
इससे पहले भारत के स्टार चेस खिलाड़ी वर्ल्ड चैंपियन डी गुकेश ने नीदरलैंड के जोर्डन वान फॉरेस्ट के साथ ड्रॉ खेला जबकि ग्रैंडमास्टर आर प्रज्ञानानंदा ने सर्बिया के एलेक्सी सेराना को हराया. दोनों भारतीय खिलाड़ियों ने टाटा स्टील मास्टर्स में 12वें दौर के बाद संयुक्त रूप से बढ़त हासिल कर ली. प्रज्ञानानंदा ने लगातार तीसरी जीत दर्ज की और अपने अंकों की संख्या संभावित 12 में से 8.5 अंक पर पहुंचा दी जो उनके हमवतन गुकेश के बराबर है.