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मुख्य संपादक
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर भी टैरिफ की धमकी दी है. यह खबर कल देशभर में छाई रही और भी आज भी अखबारों के पहले पन्ने पर छपी है. अब इस मुद्दे पर भारतीय विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर की भी प्रतिक्रिया आई है. उन्होंने बुधवार को कहा कि भारत सरकार और अमेरिकी प्रशासन के बीच इस मुद्दे पर खुली बातचीत हुई है. जयशंकर ने कहा कि ट्रंप जो कर रहे हैं, वह अपेक्षित था, क्योंकि उन्होंने इस साल जनवरी में अपने कार्यकाल की शुरुआत में ही ऐसा करने का वादा किया था.
लंदन में चैथम हाउस में एक चर्चा सत्र के दौरान जयशंकर ने कहा, ‘यह दिलचस्प है… इसमें कुछ भी आश्चर्यजनक नहीं है. अगर आपने इसे ट्रैक किया हो, तो यह साफ था कि ऐसा होगा. आमतौर पर, राजनीतिक नेता वही करते हैं जो वे वादा करते हैं. जो हो रहा है, वह पहले से अपेक्षित था… मैं थोड़ा हैरान हूं कि लोग हैरान हो रहे हैं.’
‘अमेरिकन पॉलिसी भारत के लाभकारी’
जब उनसे पूछा गया कि क्या अमेरिकी नीतियां भारत के लिए लाभकारी हैं, तो जयशंकर ने कहा कि हाल के वर्षों में भारत और अमेरिका के बीच कोई बड़ी राजनीतिक समस्या नहीं रही है.
उन्होंने कहा, ‘हमारे प्रधानमंत्री वाशिंगटन डीसी में थे. हम देखते हैं कि राष्ट्रपति ट्रंप बहुध्रुवीयता को समर्थन देते हैं. 1945 के बाद से, अगर हम अपने संबंधों को देखें, तो हाल के वर्षों में किसी भी अमेरिकी राष्ट्रपति के साथ भारत को कोई समस्या नहीं हुई है. हमारे पास कोई पुराना राजनीतिक विवाद नहीं है.”
जयशंकर ने यह भी कहा कि ट्रंप प्रशासन क्वाड को मजबूत करने के पक्ष में है और अमेरिका भारत के लिए तकनीकी और व्यापारिक दृष्टिकोण से कई अवसर उपलब्ध करा सकता है.
उन्होंने कहा, ‘ट्रंप ने ऊर्जा की कीमतों को स्थिर बनाए रखा. वह टेक्नोलॉजी और विकास को प्राथमिकता देते हैं, जो भारत के लिए लाभकारी है. वह कनेक्टिविटी परियोजनाओं के लिए भी खुले हैं, जिसमें भारत की गहरी रुचि है. हां, उनके पास व्यापार को लेकर एक निश्चित दृष्टिकोण है. हमने इस पर खुली बातचीत की और नतीजा यह रहा कि हम दोनों देशों के बीच व्यापार समझौते की आवश्यकता पर सहमत हुए. हमारे व्यापार मंत्री इस पर अमेरिका में चर्चा कर रहे हैं.’
ट्रंप ने भारत पर टैरिफ की क्यों दी धमकी?
डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को अमेरिकी कांग्रेस के संयुक्त सत्र को संबोधित करते हुए भारत, चीन और अन्य देशों के खिलाफ पारस्परिक टैरिफ लगाने की घोषणा की. उन्होंने कहा कि जो देश अपने उत्पाद अमेरिका में नहीं बनाते, उन्हें टैरिफ देना होगा. उन्होंने कहा, ‘जो भी हमें टैरिफ लगाएगा, हम भी उन पर वही टैरिफ लगाएंगे. जो भी हमें टैक्स लगाएगा, हम भी उन्हें उतना ही टैक्स लगाएंगे.’
ट्रंप ने कहा कि यूरोपीय संघ, चीन, ब्राजील और भारत अमेरिका पर अधिक टैरिफ लगाते हैं. उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा, ‘भारत ऑटोमोबाइल पर 100% टैरिफ लगाता है, यह पूरी तरह से अनुचित है.’
इस नई नीति के चलते, भारत और अमेरिका के बीच व्यापारिक संबंधों में तनाव बढ़ सकता है. हालांकि, भारत ने स्पष्ट किया है कि वह व्यापार वार्ता के लिए तैयार है और पारस्परिक रूप से लाभकारी समाधान तलाशना चाहता है. अब देखना यह होगा कि अमेरिका की तरफ से लगाए जाने इस संभावित टैरिफ के जवाब में भारत क्या कदम उठाता है.