ब्राम्ह अनुभूति अखबार यूपी लाइव न्यूज 24 उत्तर प्रदेश
सह संपादक कपिल गुप्ता
देश में क्रिकेट की इंडियन प्रीमियर लीग 22 तारीख से चालू हो रही है और छतरपुर में बड़े सट्टे व्यापारी भी एक्टिव मोड में है। क्योंकि IPL दुनिया का सबसे बड़ा क्रिकेट का महाकुंभ है, ओर इस महाकुंभ में देश के साथ साथ छतरपुर में लाखों युवाओं को बर्बाद करने को तैयार है छतरपुर के सटोरी।
हम आपको बताते है जैसे ही IPL की शुरुआत होती है वैसे ही नए युवाओं ओर सट्टे खेलने के इच्छुक व्यक्तियों को अपनी तरफ खींचने और अपनी लाइन और लिंक पर खेलने के लिए बड़े सटोरी अपने एजेंट बनाते है। सटोरी उन युवाओं को खोजते है जो बेरोजगार है या कर्ज से परेशान है उन्हें कुछ पैसों का लालच देकर अपने लिए खिलाड़ियों को इकट्ठा करने का काम देते है और इन्हें भी इस स्थिति में ला कर खड़ा कर देता है कि आगे चल कर ये एजेंट भी सट्टा खेलने पर मजबूर हो जाए, इस पूरी प्रक्रिया में सिर्फ फायदा होता है मुख्य सटोरियों का (जो IPL चालू होते है शहर छोड़ देते है) ओर बाकी सब कर्ज में डूबते चले जाते है।
इसके बाद जब आईपीएल खत्म होता है तो युवा घर से सोने जेवरात चुराकर कर्ज चुकाने में जुटते हैं या फिर आत्महत्या की ओर कदम उठाते हैं और इन तमाम घटनाओं से मुख्य सटोरियों को कोई फर्क नहीं पड़ता पिछले साल भी छतरपुर जिले के ही एक स्टोरी के भाई ने कर्ज के चलते आत्महत्या कर ली थी और उस आत्महत्या का इल्जाम लगाया गया था एक निर्दोष व्यक्ति पर जो खुद भी इन सब से प्रताड़ित व्यक्ति था आगे चलकर पिछले 2 महीने पहले इस मामले में हाईकोर्ट ने उस तीसरे व्यक्ति को निर्दोष करार दिया था।
ऐसे कई व्यक्ति हैं जो शर्म और सम्मान के चलते सामने नहीं आते लेकिन पिछले कुछ वर्षों में इस आईपीएल ने कई परिवार और युवाओं को बर्बाद किया है और कहीं ना कहीं जान देने पर मजबूर किया है।
मीडिया में खबरें आने के बाद पुलिस उन एजेंटों को तो उठाती है लेकिन कड़े कानून न होने के कारण उन्हें भी ले देकर छोड़ दिया जाता है। लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है की आज के युवाओं को इस चंगुल से कैसे बचाया जाए।
और उम्मीद यह है कि छतरपुर एसपी अगम जैन इस बार सख्त है जुआ, सट्टा, शराब और अपराध को लेकर, तो क्या इस बार उन सटोरियों की खैर नहीं जो अपने निजी मुनाफे और बड़े आदमी बनने के लिए लालच में युवाओं को बर्बाद कर रहे है और आत्महत्या जैसे कदम उठाने के लिए मजबूर।