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संस्थापक संपादक प्रवीण सैनी
दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने संसद सुरक्षा चूक के आरोपियों की न्यायिक हिरासत 15 अप्रैल तक बढ़ा दी है. एडिशनल सेशंस जज हरदीप कौर ने ये आदेश दिया. आज सुनवाई के दौरान सभी आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया. सुनवाई के दौरान आरोपियों की ओर से पेश वकीलों ने चार्जशीट के दस्तावेजों की स्क्रूटनी के लिए और समय देने की मांग की.
नीलम को पेंटिंग सामग्री उपलब्ध कराने का निर्देश: आरोपी नीलम की ओर से पेश वकील बलराज सिंह मलिक ने कहा कि कोर्ट ने 16 जनवरी और 19 फरवरी को आदेश दिया था कि नीलम को जेल के नियमों के मुताबिक पेंटिंग और कला सामग्री उपलब्ध कराने का निर्देश दिया था. लेकिन वो आज तक उपलब्ध नहीं कराया गया. उसके बाद कोर्ट ने जेल प्रशासन से इस मामले पर अनुपालन रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया.
दिल्ली पुलिस की पहली चार्जशीट: दिल्ली पुलिस ने 15 जुलाई 2024 को इस मामले में पूरक चार्जशीट दाखिल किया था. दिल्ली पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा मामले में 186, 353, 153, 452, 201, 34, 120बी और यूएपीए की धारा 13, 16, 18 के तहत चार्जशीट दाखिल किया था. दिल्ली पुलिस ने 7 जून 2024 को पहली चार्जशीट दाखिल किया था. दिल्ली पुलिस ने जिन आरोपियों के खिलाफ यूएपीए की धाराओं के तहत चार्जशीट दाखिल किया है उनमें मनोरंजन डी, ललित झा, अमोल शिंदे, महेश कुमावत, सागर शर्मा और नीलम आजाद शामिल हैं. दिल्ली पुलिस की ओर से दाखिल पहली चार्जशीट करीब एक हजार पन्नों की है.
क्या था पूरा मामला: बता दें कि 13 दिसंबर 2023 को संसद की विजिटर गैलरी से दो आरोपी चैंबर में कूद गए थे. कुछ ही देर में एक आरोपी ने डेस्क के ऊपर चलते हुए अपने जुतों से कुछ निकाला और अचानक पीले रंग का धुआं निकलने लगा. इस घटना के बाद सदन में अफरातफरी मच गई. हंगामे और धुएं के बीच कुछ सांसदों ने इन युवकों को पकड़ लिया और इनकी पिटाई भी की. कुछ देर के बाद संसद के सुरक्षाकर्मियों ने दोनों युवकों को कब्जे में ले लिया. संसद के बाहर भी दो लोग पकड़े गए जो नारेबाजी कर रहे थे और पीले रंग का धुआं छोड़ रहे थे.