दिल्ली जिनके तीन या उससे अधिक बच्चे, उनको नहीं मिलेंगे दिल्ली में हर महीने पच्चीस सौ भाजपा सरकार लगाएगी कड़े नियम, कैबिनेट ने योजना के लिए दिए हैं इक्कयावन करोड़

Spread the love

ब्राम्ह अनुभूति अखबार यूपी लाइव न्यूज 24 उत्तर प्रदेश

प्रधान संपादक नई दिल्ली

ब्राम्ह अनुभूति अखबार यूपी लाइव न्यूज 24 उत्तर प्रदेश

प्रधान संपादक नई दिल्ली

दिल्ली की भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) सरकार ‘महिला समृद्धि योजना’ में कड़े नियम एवं शर्त लागू कर सकती है। दिल्ली में इस योजना का लाभ परिवार की सबसे बड़ी महिला को मिलेगा। दिल्ली सरकार उन महिलाओं को भी इस योजना का लाभ नहीं देगी, जिनके तीन से अधिक बच्चे हैं। इसके तहत तीन बच्चों की माँ इस योजना का लाभ नहीं ले पाएँगी।
बीजेपी ने दिल्ली चुनाव के दौरान अपने संकल्प पत्र में गरीब परिवार की महिलाओं के लिए ₹2500 महीने का भत्ता दिए जाने का वादा किया था। दिल्ली सरकार ने इस योजना को लागू करने का ऐलान 8 मार्च, 2025 को महिला दिवस के मौके पर किया था।
इस योजना को लागू करने के लिए दिल्ली कैबिनेट ने ₹5100 करोड़ की मंजूरी भी दे दी है। हालाँकि, इस योजना का लाभ लेने के लिए कई जरूरी शर्तें पूरी करनी होंगी ताकि यह पैसा अपात्र लोगों को ना मिल सके।
इन्हें नहीं मिल पाएगा लाभ

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अगर कोई महिला 3 से अधिक बच्चों की माँ है तो वह इस योजना का लाभ नहीं ले पाएगी। इसके अलावा अगर किसी महिला के बच्चों का टीकाकरण नहीं हुआ है तो उसे भी इस योजना से बाहर रखा जाएगा।
इसके अलावा अगर एक BPL कार्ड पर एक से अधिक महिला का नाम शामिल है तो घर की सबसे उम्रदराज महिला को ही इसका लाभ दिया जाएगा। इसके अलावा यदि महिला को विधवा या वृद्धावस्था पेंशन जैसी किसी अन्य योजना का लाभ मिल रहा है तो उसे भी लाभार्थियों की सूची में शामिल नहीं किया जाएगा।
किसे मिल सकता है योजना का लाभ
महिला समृद्धि योजना सिर्फ गरीब व जरूरतमंद महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत करने के लिए लाई गई है। इसके तहत 21 से 60 वर्ष तक की बी पी एल कार्डधारक महिला इसकी लाभार्थी बन पाएगी। बी पी एल कार्ड उन्हीं परिवारों को जारी किया जाता है जिनकी वार्षिक आय ₹1 लाख से कम होती है।

इस योजना का लाभ उन महिलाओं को मिलेगा जो दिल्ली में कम से कम 5 वर्षों से रह रही हों और जिनके परिवार की सालाना आय ₹3 लाख से कम हो। अनुमान है कि दिल्ली के भीतर 20 से 25 लाख बी पी ल कार्ड धारक लगभग महिलाएँ हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *