ब्राम्ह अनुभूति अखबार यूपी लाइव न्यूज 24 उत्तर प्रदेश
उप संपादक संजय मिश्रा
प्रयागराज : एशिया के सबसे बड़े ट्रस्ट कायस्थ पाठशाला (KP) में 15 महीने बाद हुई पुनर्मतगणना में शुक्रवार को बड़ा उलटफेर हो गया. पुनः मतगणना में चौधरी राघवेंद्र नाथ सिंह नए अध्यक्ष बन गए हैं. उन्होंने डॉक्टर सुशील सिन्हा को 76 मतों से हरा दिया है. पुनर्मतगणना में कुल 17 वोट भी बढ़ गए हैं. विकास भवन में अधिकारियों की मौजूदगी और कड़ी सुरक्षा में कोर्ट के आदेश पर पुनर्मतगणना कराई गई.
25 दिसंबर 2023 को केपी कॉलेज परिसर में कायस्थ पाठशाला के अध्यक्ष और कार्यकारी सदस्यों के लिए मतदान कराया गया था. मतगणना के बाद डॉक्टर सुशील सिन्हा को अध्यक्ष घोषित किया गया था.
मतगणना के बाद धांधली का आरोप लगाकर चौधरी राघवेंद्र नाथ सिंह के समर्थकों ने जमकर हंगामा किया था. डॉक्टर सुशील सिन्हा 18 मतों से चुनाव जीत गए थे. तब से लेकर अब तक डॉक्टर सुशील सिन्हा ही कायस्थ पाठशाला के अध्यक्ष के तौर पर जिम्मेदारी का निर्वहन कर रहे थे.
एसडीएम सदर कोर्ट में दाखिल की थी अर्जी : चुनाव परिणाम से असंतुष्ट कायस्थ पाठशाला के पूर्व अध्यक्ष रहे चौधरी राघवेंद्र नाथ सिंह ने उप जिलाधिकारी, सदर की कोर्ट में अर्जी दाखिल की थी.
इस अर्जी पर सुनवाई करते हुए 24 मार्च 2025 को एसडीएम सदर, प्रयागराज ने कायस्थ पाठशाला के चुनाव की पुन: मतगणना का आदेश जारी किया था. इससे पहले एसडीएम सदर कोर्ट में चल रही सुनवाई में फैसला सुरक्षित कर लिया था.
148 मतों की नहीं हुई थी गिनती : 148 मतदाताओं ने अध्यक्ष पद के बैलेट पेपर कार्यकारिणी सदस्य के बॉक्स में डाल दिए थे. उस समय इनकी गिनती नहीं हुई थी. दूसरे प्रत्याशी रहे चौधरी राघवेंद्र नाथ सिंह की ओर से इन मतों की भी गिनती करने की मांग की गई थी और धांधली के आरोप लगाए गए थे.उस समय उनकी मांग को अनसुना कर दिया गया था. इसके बाद उन्होंने चिट फंड सोसायटी में अपनी मांग के समर्थन में आवेदन दिया था. इस क्रम में एसडीएम सदर के यहां मामले की सुनवाई हुई.