नगर विकास मंत्री माननीय ए.के. शर्मा ने किया शिवरी प्लांट का निरीक्षण

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ब्राम्ह अनुभूति अखबार यूपी लाइव न्यूज 24 उत्तर प्रदेश

संस्थापक संपादक प्रवीण सैनी लखनऊ

कहा, कूड़े के पहाड़ को खत्म करने का अभियान जारी
* शिवरी में बनेगा वेस्ट टू एनर्जी प्लांट, सौर ऊर्जा संयंत्र से होगी बिजली बचत
खाली जमीन पर बनेगा पार्क, स्टेडियम, अस्पताल और स्कूल
शिवरी का कूड़ा प्रबंधन बनेगा देश-विदेश के लिए मिसाल

*लखनऊ, 2 अप्रैल 2025:* उत्तर प्रदेश के माननीय नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री श्री ए.के. शर्मा ने बुधवार को लखनऊ के शिवरी कूड़ा निस्तारण प्लांट का दौरा किया। उन्होंने वहां चल रहे लिगेसी वेस्ट (पुराना कचरा) प्रबंधन कार्यों का निरीक्षण कर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। माननीय मंत्री ने जोर देकर कहा कि *शहर की स्वच्छता बनाए रखने के लिए मानव श्रम और आधुनिक मशीनों का समुचित उपयोग किया जाए।* उन्होंने पार्षदों से भी अपील की कि वे अपने वार्डों में कचरा प्रबंधन के लिए मशीनों के उपयोग पर विशेष ध्यान दें।

*शिवरी में कूड़े के पहाड़ का वैज्ञानिक समाधान*

माननीय मंत्री श्री ए.के. शर्मा ने बताया कि शिवरी में पिछले *10 वर्षों से लखनऊ का कचरा डंप किया जा रहा था*, जिससे 18-19 लाख मीट्रिक टन का कूड़े का पहाड़ बन गया था। यह *50 एकड़ से अधिक क्षेत्र में फैला हुआ था*, जिससे आसपास के ग्रामीण इलाकों में गंदगी, दुर्गंध और मच्छरों की समस्या बनी हुई थी। साथ ही नगर निगम के लिए कचरे के उचित निस्तारण की चुनौती बढ़ रही थी।

इस समस्या का समाधान निकालने के लिए *डेढ़ वर्ष पहले 100 करोड़ रुपये की योजना बनाई गई।* इस राशि से *आधुनिक मशीनों और वैज्ञानिक तकनीकों* का उपयोग कर कूड़ा निस्तारण का कार्य शुरू हुआ। उन्होंने कहा कि *मुझे बहुत प्रसन्नता है कि माननीय महापौर श्रीमती सुषमा खर्कवाली जी के नेतृत्व में नगर निगम की टीम ने शिवरी में उत्कृष्ट कार्य किया है, जिससे अब तक 53% यानी 10 लाख मैट्रिक टन कूड़े का निस्तारण हो चुका है।”*

*खाली हुई जमीन पर होगा विकास कार्य*

माननीय मंत्री श्री ए.के. शर्मा ने कहा कि जैसे-जैसे कूड़े का निस्तारण हो रहा है, वैसे-वैसे खाली हो रही जमीन को *जनहित में उपयोगी बनाया जा रहा है।*
– यहां *पार्क और उद्यान* विकसित किए जा रहे हैं, जिससे हरियाली बढ़ेगी।
– *स्थानीय लोगों के लिए स्टेडियम, अस्पताल और स्कूल* बनाए जाएंगे।
– नगर निगम की पुरानी मशीनें, ट्रैक्टर, ट्रॉली और डंपर भी हटाए जा रहे हैं, जिससे क्षेत्र साफ-सुथरा बन रहा है।

*वेस्ट टू एनर्जी प्लांट और सौर ऊर्जा संयंत्र की होगी स्थापना*

माननीय मंत्री श्री ए.के. शर्मा ने घोषणा की कि *बहुत जल्द ही एनटीपीसी के सहयोग से 2000 टीपीडी क्षमता का वेस्ट टू एनर्जी प्लांट* बनाया जाएगा, जिससे कचरे से बिजली का उत्पादन होगा। इसके अलावा, *शिवरी प्लांट में सौर ऊर्जा संयंत्र भी लगाया जाएगा*, जिससे प्लांट की बिजली खपत कम होगी और पर्यावरण को फायदा होगा।

*कचरे से कमाई और पर्यावरण संरक्षण*

शिवरी प्लांट में *कूड़े का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण* किया जा रहा है:
– *बायो-रिमेडिएशन तकनीक* से कचरे का निपटान किया जा रहा है।
– कूड़े से *आरडीएफ (Refuse Derived Fuel) ईंधन* तैयार किया जा रहा है, जिसे विभिन्न फैक्ट्रियों को बेचा जाता है। इससे नगर निगम को आय भी हो रही है।
– प्लांट से निकला कुछ अन्य कचरा *हाईवे और नेशनल हाईवे निर्माण* में इस्तेमाल किया जा रहा है।
– यह परियोजना *प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘वेस्ट टू वेल्थ’ मिशन को साकार कर रही है।*

*शिवरी प्लांट बनेगा देश और दुनिया के लिए मिसाल*

माननीय मंत्री श्री ए.के. शर्मा ने कहा कि *शिवरी प्लांट देश और विदेश के लिए एक मॉडल बनेगा।* अन्य राज्यों और देशों के विशेषज्ञ यहां आकर *कचरा प्रबंधन की आधुनिक तकनीकों को सीख रहे हैं।* आने वाले 1-2 वर्षों में शिवरी के पूरे कूड़े का निस्तारण कर लिया जाएगा और यह क्षेत्र *स्वच्छ और विकसित* बन जाएगा।

*शिवरी प्लांट की विशेषताएं*

– शिवरी प्लांट में वर्तमान में दो कूड़ा निस्तारण इकाइयां स्थापित हैं। प्रत्येक इकाई की क्षमता *700 मीट्रिक टन* कचरा निस्तारित करने की है।
– तीसरी इकाई, जिसकी क्षमता भी *700 मीट्रिक टन* होगी, लगभग तैयार है और जल्द ही संचालन में लाई जाएगी।
– कुल मिलाकर, यह प्लांट प्रतिदिन *2,100 मीट्रिक टन* कचरे का निस्तारण करेगा।

*शिवरी कूड़ा निस्तारण प्लांट में कचरा निपटाने की प्रक्रिया*

1. *कचरे की छंटाई:* सबसे पहले, कचरे को गीला और सूखा कचरा अलग-अलग करने की प्रक्रिया अपनाई जाती है। इससे आगे की प्रक्रियाओं में आसानी होती है।

2. *जैविक खाद बनाना:* गीले कचरे से खाद बनाई जाती है, जो मिट्टी की उर्वरता बढ़ाने और फसल उत्पादन में सहायक होती है।

3. *ईंधन के लिए सामग्री तैयार करना (आरडीएफ):* सूखे कचरे, जैसे प्लास्टिक, गत्ता, लकड़ी आदि से *रिफ्यूज डिराइव्ड फ्यूल (RDF)* बनाया जाता है, जिसे सीमेंट फैक्ट्रियों में जलाने के लिए उपयोग किया जाता है।

*पर्यावरणीय योगदान*

माननीय महापौर श्रीमती सुषमा खर्कवाल ने कहा कि यह प्लांट लखनऊ शहर में एकत्रित कचरे का वैज्ञानिक और पर्यावरण-सम्मत निस्तारण करता है, जिससे शहर की स्वच्छता में महत्वपूर्ण योगदान होता है। इस प्लांट के माध्यम से कचरे से उपयोगी उत्पाद बनाकर *’वेस्ट टू वेल्थ’* की अवधारणा को साकार किया जा रहा है।

*यह गणमान्य लोग रहे मौजूद*

इस मौके पर कार्यक्रम में माननीय सदस्य विधान परिषद श्री राम चंद्र प्रधान जी, माननीय सदस्य विधान परिषद श्री मुकेश शर्मा जी, उपविजेता माननीय श्री अंजनी श्रीवास्तव जी, पार्षद दल के उप नेता श्री सुशील कुमार पम्मी जी, उत्तर प्रदेश बाल आयोग की पूर्व सदस्य श्रीमती अनीता अग्रवाल जी, माननीय पार्षदगण श्री रंजीत सिंह जी, श्री सौरभ सिंह ‘मोनू’ जी, श्री अरुण राय जी, श्री राम नरेश रावत जी, श्री के.एन.सिंह जी, श्रीमती रजनी गुप्ता जी, माननीय पार्षद प्रतिनिधि श्री राम कुमार वर्मा जी, श्री सुनील शंखधर जी, श्री लवकुश रावत जी, शिवरी गांव के ग्राम प्रधान कार्यक्रम में उपस्थित रहे।

इस दौरान नगर निगम के नगर आयुक्त श्री इंद्रजीत सिंह जी, अपर नगर आयुक्त श्री ललित कुमार, श्री पंकज श्रीवास्तव, श्री अरुण कुमार गुप्त, डॉ. अरविंद कुमार राव, चीफ इंजीनियर, जोनल अधिकारीगण समेत नगर निगम के अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।

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