मौर्यकालीन बौद्ध मठ के रास्ते पर कब्जा! जबलपुर हाईकोर्ट ने दिया बड़ा फैसला

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ब्राम्ह अनुभूति अखबार यूपी लाइव न्यूज 24 उत्तर प्रदेश

सह संपादक कपिल गुप्ता

जबलपुर : मप्र हाईकोर्ट ने जबलपुर में स्थित बौद्ध मठ के पास अतिक्रमण और कब्जे के मामले में फैसला सुनाया है. दरअसल, यहां लम्हेटा घाट गोपालपुर के पास मौर्यकालीन बौद्ध मठ मौजूद है, जहां शासकीय जमीन पर कब्जा कर पहुंच मार्ग बंद कर दिया गया था. इसे चुनौती देते हुए हाईकोर्ट नें याचिका दायर की गई थी.

क्या है बौद्ध मठ के पास अतिक्रमण का मामला?

बौद्धिस्ट सोसायटी ऑफ इंडिया के रीजनल हेड सुखलाल वर्मा व अखिल भारतीय कुशवाहा महासभा के प्रदेश अध्यक्ष दादा बैजनाथ कुशवाहा की ओर से ये याचिका दी गई. याचिका में कहा गया था कि लम्हेटा घाट गोपालपुर के पास मौर्य कालीन बौद्ध मठ है, जिसे मुड़िया बौद्ध मठ के नाम से जाना जाता है. इस मठ से लगी 32 एकड़ शासकीय जमीन पर भूमाफियाओं ने कब्जा करके बौद्व आने जाने का रास्ता बंद कर दिया है.

प्रशासन ने नहीं दिया संरक्षण पर ध्यान

याचिका में बताया गया कि बौद्ध मठ के लिए तत्कालीन कलेक्टर कर्मवीर शर्मा ने 27 जनवरी 2021 को मध्य प्रदेश टूरीज्म बोर्ड को पत्र लिखकर राशि स्वीकृति चाही थी. इतना ही नहीं, मध्य प्रदेश शासन के पुरातत्व अभिलेखागार एवं संग्रहालय भोपाल द्वारा 15 जून 2012 को जबलपुर को इस बौद्ध स्तूप को एनशिएंट मॉन्यूमेंट्स एंड आर्कियोलॉजिकल साइट्स एंड रीमेंस एक्ट 1964 की धारा 3 की उप धारा-1 के तहत प्राचीन स्मारक घोषित करने की अधिसूचना जारी की गई. इसके बावजूद शासन स्तर पर बौद्ध मठ के संरक्षण में की ध्यान नहीं दिया गया, जिसके कारण मठ से लगी 32 एकड़ जमीन पर अवैध कब्जा कर पहुंच मार्ग बंद कर दिया गया.

मुड़िया बौद्ध मठ को लेकर कोर्ट ने दिए ये निर्देश

याचिका में आगे कहा गया कि इस संबंध में आवेदकों की ओर से कई बार शासन-प्रशासन को पत्र भेजे गए लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों ने कई कार्रवाई नहीं की. इसके बाद इस याचिका को दायर करते हुए मध्य प्रदेश शासन के प्रमुख सचिव राजस्व विभाग, प्रमुख सचिव आर्कियोलॉजिकल गवर्नमेंट ऑफ मध्य प्रदेश, प्रमुख सचिव धार्मिक न्यास एवं धर्मस्य विभाग, सचिव टूरिज्म एंड कल्चरल डिपाटर्मेंट, कलेक्टर जबलपुर, एसडीओ रेवेन्यू जबलपुर, तहसीलदार जबलपुर, म्युनिसिपल ऑफिसर भेड़ाघाट जबलपुर व अन्य को पक्षकार बनाया गया है. याचिका की सुनवाई के बाद युगलपीठ ने जबलपुर कलेक्टर को व्यक्तिगत रूप से बौद्ध मठ की देखरेख कर अतिक्रमण हाटने के निर्देश जारी किए हैं. याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता रामेश्वर सिंह ठाकुर, अधिवक्ता विनायक शाह शवांशु कोल, देवयानी चौधरी व संतोष आनंद ने पक्ष रखा.

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