ब्राम्ह अनुभूति अखबार यूपी लाइव न्यूज 24 उत्तर प्रदेश
संपादक प्रवीण सैनी
भुवनेश्वर/पटना : पिछले वर्ष हुए नीट परीक्षा में धांधली की आंच अभी बुझी भी नहीं है कि इस बार भी इसकी आग सुलगती हुई दिखाई पड़ रही है. फिछले बार भी बिहार का ही संजीव मुखिया मास्टर माइंड निकला था. इस बार भी बिहार पर दाग लगा है.
बिहार का मास्टरमाइंड गिरफ्तार : दरअसल, ओडिशा पुलिस ने भुवनेश्वर से एक इंटरस्टेट गैंग के चार सदस्यों को दबोचा है. इन पर मेडिकल कॉलेज में एडमिशन के लिए NEET के अभ्यर्थियों से पैसे लेने का आरोप है. जिन चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है उसमें एक बिहार का अरविंद कुमार भी शामिल है.
कब तक बिहार पर लगता रहेगा ‘धब्बा’ ? : अरविंद कुमार मुख्य रूप से औरंगाबाद का रहने वाला है. ऐसे में एक बार फिर से सवाल उठने लगा है कि आखिर बिहार पर कब तक पेपर लीक का ‘धब्बा’ लगता रहेगा. अरविंद के अलावा पुलिस ने झारखंड के प्रियदर्शी कुमार के साथ-साथ ओडिशा के सुनील सामंत्रया और रुद्र नारायण बेहरा को भी गिरफ्तार किया है.
‘करोड़ों में हुई थी डील’ : भुवनेश्वर के पुलिस कमिश्नर एस देव दत्ता सिंह ने खुलासा किया कि आरोपियों के पास से 90 लाख का चेक और एक ब्लैंक चेक की बरामदगी हुई है. मतलब यह डील करोड़ों में की गई थी. कमिश्नर ने कहा कि इन लोगों ने असली उम्मीदवारों की जगह प्रवेश परीक्षा में बैठने के लिए डमी कैंडिडेट को भेजने की योजना बनाई थी. वे इसे अंजाम देने में सफल हुए या नहीं, इसकी अभी जांच चल रही है. सभी को परीक्षा से एक दिन पहले यानी शनिवार को ही गिरफ्तार किया गया.
”ये लोग प्रति उम्मीदवार 20 से 30 लाख रुपये लेते थे, जो इंस्टॉलमेंट में लिया जाता था. इसमें स्थानीय स्काउट्स भी रहता था. जिसे लगभग 4 से 5 लाख रुपये मिलते था. ये परीक्षा केंद्र को ठीक करने का आश्वासन देते थे.”- एस देव दत्ता सिंह, पुलिस कमिश्नर, भुवनेश्वर
कमिश्नर की चेतावनी : जांचकर्ताओं का मानना है कि कुछ मामलों में माता-पिता खुद भी सक्रिय रूप से शामिल थे. कमिश्नर ने चेतावनी देते हुए कि अगर कोई माता-पिता इस तरह की अवैध कार्यों में संलिप्त पाए जाते हैं तो उन्हें भी सह-साजिशकर्ता माना जाएगा. उनके खिलाफ आरोप लगाए जाएंगे.
संजीव मुखिया से CBI की पूछताछ : बता दें कि पिछली बार जब नीट पेपर लीक का मामला सामने आया था तब बिहार से लेकर झारखंड तक खलबली मच गई थी. कई लोगों की गिरफ्तारी भी हुई थी. हालांकि मास्टरमाइंड संजीव मुखिया फरार चल रहा था. आखिरकार इनाम रखने के बाद उसे भी गिरफ्तार किया गया है. संजीव मुखिया से फिलहाल सीबीआई के अधिकारी पूछताछ कर रहे हैं.