ब्राम्ह अनुभूति अखबार यूपी लाइव न्यूज 24 उत्तर प्रदेश
संस्थापक संपादक प्रवीण सैनी
लखनऊ नगर आयुक्त गौरव कुमार ने शनिवार को *मार्ग प्रकाश विभाग* की समीक्षा बैठक आयोजित की। इस बैठक में *अपर नगर आयुक्त श्री ललित कुमार* और *श्री पंकज श्रीवास्तव*, *चीफ इंजीनियर (आरआर) श्री मनोज प्रभात*, *आरआर विभाग* और *मार्ग प्रकाश विभाग* के अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।
*स्ट्रीट लाइटों की स्थिति पर ली जानकारी*
बैठक के दौरान नगर आयुक्त महोदय ने शहर भर में लगी *स्ट्रीट लाइटों की वर्तमान स्थिति* की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों से यह सुनिश्चित करने को कहा कि *हर सड़क, चौराहे और गली में लगे बिजली के खंभे पूरी तरह सुरक्षित* हों। विशेष रूप से उन्होंने यह निर्देश दिया कि *जहां-जहां नगर निगम की लाइटें लगी हैं, वहां सभी खंभों पर उचित टेपिंग* बरसात शुरू होने से पहले की जाए।
*खंभों की टेपिंग में लापरवाही पर होगी कार्रवाई*
श्री गौरव कुमार ने सख्त निर्देश देते हुए कहा कि *टेपिंग में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी*। उन्होंने मार्ग प्रकाश विभाग के *सभी जूनियर इंजीनियरों (JE)* को चेतावनी दी कि अगर किसी क्षेत्र में टेपिंग नहीं की गई या लापरवाही पाई गई, तो *संबंधित JE के खिलाफ कड़ी विभागीय कार्रवाई* की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि टेपिंग का कार्य *मानव जीवन की सुरक्षा से जुड़ा* है और इसे प्राथमिकता पर समय से पूरा किया जाए।
*नगर निगम वर्कशॉप की समीक्षा और वाहनों की नीलामी के निर्देश*
बैठक के दौरान नगर आयुक्त ने *नगर निगम की वर्कशॉप* की भी समीक्षा की। उन्होंने *चीफ इंजीनियर (आरआर)* को निर्देश दिए कि *वर्कशॉप में वर्षों से कबाड़ में खड़े वाहनों की शीघ्र नीलामी कराई जाए* ताकि स्थान और संसाधनों का बेहतर उपयोग हो सके। साथ ही, उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि *नगर निगम द्वारा भविष्य में खरीदे जाने वाले सभी वाहन या तो ईवी (इलेक्ट्रिक व्हीकल) हों या सीएनजी पर आधारित हों*, जिससे *शहर की वायु गुणवत्ता में सुधार* हो और *पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिले।
शहर की सुरक्षा और स्वच्छता प्राथमिकता
नगर आयुक्त ने अधिकारियों को यह भी याद दिलाया कि शहर की सुरक्षा, स्वच्छता और टिकाऊ विकास को सुनिश्चित करना नगर निगम की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि हर विभाग को समन्वय बनाकर कार्य करना होगा ताकि बरसात और गर्मी जैसे मौसमों में नागरिकों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।