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संस्थापक संपादक प्रवीण सैनी
लखनऊ नगर निगम लखनऊ के मुख्यालय, स्मार्ट सिटी वार रूम, जलकल विभाग और कठौता झील का गुरुवार को निरीक्षण दो प्रशिक्षु आईएएस अधिकारियों – श्री तेजस कृष्णा और श्री अक्षय दीपक – द्वारा किया गया। नगर आयुक्त श्री गौरव कुमार के निर्देशन में इस निरीक्षण का नेतृत्व अपर नगर आयुक्त श्री अरुण कुमार गुप्त ने किया। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को नगर निगम की कार्यप्रणाली, स्मार्ट सिटी की तकनीकी परियोजनाएं, जल आपूर्ति व्यवस्था और शहरी सेवाओं के प्रबंधन की गहन जानकारी दी गई। इस अवसर ने प्रशिक्षु अधिकारियों को शहरी शासन की जमीनी हकीकत और तकनीक आधारित विकास की दिशा में लखनऊ की प्रगति को नजदीक से समझने का अवसर प्रदान किया।
गुरुवार को नगर निगम लखनऊ के मुख्यालय का निरीक्षण करने पहुंचे प्रशिक्षु आईएएस अधिकारियों श्री तेजस कृष्णा और श्री अक्षय दीपक ने जाना कि किस तरह से नगर निगम में विभिन्न विभाग कार्य करते हैं और नागरिकों को सुविधाएं प्रदान की जाती हैं। निरीक्षण के दौरान अपर नगर आयुक्त श्री अरुण कुमार गुप्त ने अधिकारियों को नगर निगम की कार्यप्रणाली से अवगत कराया और उन्हें नगर निगम की योजनाओं, सेवाओं और संचालन तंत्र के बारे में विस्तार से बताया।
*स्मार्ट सिटी वार रूम का किया अवलोकन*
नगर निगम मुख्यालय के निरीक्षण के बाद प्रशिक्षु अधिकारियों को स्मार्ट सिटी स्थित वार रूम का दौरा कराया गया। यहां उन्हें स्मार्ट सिटी मिशन के तहत चल रही प्रमुख परियोजनाओं की जानकारी दी गई। श्री अरुण कुमार गुप्त ने अधिकारियों को बताया कि वार रूम स्मार्ट सिटी के संचालन का मस्तिष्क है, जहां से शहर की निगरानी, नियंत्रण और योजना प्रबंधन किया जाता है।
*तकनीकी प्रणालियों की दी गई विस्तृत जानकारी*
वार रूम में प्रशिक्षु अधिकारियों को विभिन्न तकनीकी प्रणालियों के बारे में बताया गया, जैसे कि ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम, पब्लिक सेफ्टी सिस्टम, एनवायरनमेंट मॉनिटरिंग सिस्टम, वेस्ट मैनेजमेंट सिस्टम और शिकायत निवारण प्रणाली। इन सभी प्रणालियों के जरिए शहर की गतिविधियों की लाइव मॉनिटरिंग की जाती है और आवश्यकतानुसार त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाती है।
*स्मार्ट सिटी परियोजनाओं के क्रियान्वयन पर चर्चा*
इस अवसर पर अपर नगर आयुक्त श्री गुप्त ने प्रशिक्षु अधिकारियों को स्मार्ट सिटी परियोजनाओं के क्रियान्वयन के विभिन्न चरणों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि ये परियोजनाएं नागरिकों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने के उद्देश्य से संचालित की जा रही हैं। उन्होंने तकनीकी दक्षता, पारदर्शिता और समयबद्धता को इन योजनाओं की सफलता की कुंजी बताया।
*जलकल विभाग का भी किया निरीक्षण*
स्मार्ट सिटी वार रूम के बाद प्रशिक्षु अधिकारियों ने जलकल विभाग के मुख्यालय का निरीक्षण किया। वहां जीएम जलकल श्री कुलदीप सिंह ने उन्हें विभाग की कार्यप्रणाली, जल आपूर्ति व्यवस्था और रखरखाव संबंधी कार्यों के बारे में जानकारी दी। अधिकारियों को बताया गया कि किस तरह से लखनऊ शहर के विभिन्न क्षेत्रों में पाइपलाइन के माध्यम से पानी की आपूर्ति की जाती है और किन तकनीकों का प्रयोग किया जाता है।
*कठौता झील से होती है दो क्षेत्रों में जल आपूर्ति*
अंत में अधिकारियों को कठौता झील का भी अवलोकन कराया गया, जहां उन्हें बताया गया कि यह झील शहर के दो प्रमुख क्षेत्रों को जल आपूर्ति के लिए उपयोग में लाई जाती है। प्रशिक्षु अधिकारियों ने इस अवलोकन को बेहद उपयोगी बताया और नगर निगम की योजनाओं और तकनीकी प्रगति की सराहना की।
इस निरीक्षण के माध्यम से प्रशिक्षु आईएएस अधिकारियों को नगर निगम की कार्यशैली, स्मार्ट सिटी परियोजनाओं और जलापूर्ति तंत्र के बारे में व्यावहारिक जानकारी प्राप्त हुई, जो उनके प्रशासनिक अनुभव को और अधिक समृद्ध करेगी।