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संस्थापक संपादक प्रवीण सैनी
मुकदमों और पत्रों को लेकर जताई गंभीर चिंता*
लखनऊ: नगर निगम मुख्यालय में सोमवार को संपत्ति विभाग की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता लखनऊ की माननीय महापौर श्रीमती सुषमा खर्कवाल ने की। बैठक में नगर आयुक्त श्री गौरव कुमार, अपर नगर आयुक्त श्रीमती नम्रता सिंह, संपत्ति प्रभारी श्री संजय यादव समेत विभाग के सभी लेखपाल, नायब तहसीलदार एवं अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे।
बैठक के दौरान महापौर सुषमा खर्कवाल जी ने संपत्ति विभाग के कार्यों की विस्तार से समीक्षा की और कई अहम बिंदुओं पर अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि संपत्ति विभाग की लापरवाही से कई मामलों में नगर निगम को नुकसान उठाना पड़ रहा है, जिसे किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
*कोर्ट में लंबित मामलों की सूची तत्काल प्रस्तुत करने के निर्देश*
महापौर ने सभी लेखपालों से यह स्पष्ट रूप से कहा कि जितने भी माननीय न्यायालयों में मुकदमे लंबित हैं, उनकी अद्यतन सूची तत्काल प्रस्तुत की जाए। विशेष रूप से PPE एक्ट के अंतर्गत चल रहे मामलों की जांच कर विस्तृत रिपोर्ट देने को कहा गया है। इसके अलावा PPE एक्ट से संबंधित सभी केसों की तिथिवार सूची भी मांगी गई है।
*पत्राचार में लापरवाही पर नाराजगी*
बैठक में महापौर ने यह गंभीर आरोप लगाया कि उनके कार्यालय से संपत्ति विभाग को भेजे गए कई पत्र विभाग में गायब हो गए हैं और संबंधित लेखपालों तक पहुंचे ही नहीं। उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि इन पत्रों की खोज कराई जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि भविष्य में कोई भी पत्र लापता न हो। उन्होंने स्पष्ट किया कि जो पत्र उनके कार्यालय से भेजे गए हैं, उन पर विभाग को समय-सीमा के भीतर लिखित उत्तर देना अनिवार्य है।
*पिछले दो वर्षों की शिकायतों की रिपोर्ट भी तलब*
बैठक के अंत में महापौर ने निर्देश दिए कि पिछले दो वर्षों में माननीयों (माननीय सांसद, एमएलसी, विधायक, पार्षद) के माध्यम से जो भी शिकायती पत्र नगर निगम या संपत्ति विभाग को भेजे गए हैं, उनकी स्थिति की पूरी रिपोर्ट उन्हें सौंपी जाए। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों की शिकायतों का निस्तारण प्राथमिकता के आधार पर किया जाना चाहिए।