ब्राम्ह अनुभूति अखबार यूपी लाइव न्यूज 24 उत्तर प्रदेश
सह संपादक कपिल गुप्ता
कोंच नगरपालिका द्वारा करीब छह महीने पहले बनवाई गई एक इंटरलॉकिंग सड़क एक बार फिर चर्चाओं में है। अबकी दफा यह सड़क इस बात को लेकर चर्चा में है कि बनने के बाद छह महीने भी ढंग से नहीं चल सकी है यह सड़क और इसका उखड़ना शुरू हो गया है। दो महीने पहले यह सड़क इस बात को लेकर चर्चा में आई थी कि किसी को व्यक्तिगत फायदा पहुंचाने के लिए पालिका ने लाखों रुपए खर्च कर दिए, वह भी राजस्व विभाग के सरकारी दस्तावेजों में खेतों में सिंचाई के लिए दर्ज गूल के एक बड़े हिस्से को मिसमार करके उस पर इंटरलॉकिंग सड़क डाल दी है।
करीब छह महीने पहले नगरपालिका ने एक अजीबोगरीब कारनामे को अंजाम देते हुए बक्शेश्वर मंदिर से काली मंदिर तक एक इंटरलॉकिंग सड़क का निर्माण कराने में लाखों रुपए का सरकारी धन खर्च किया था। 430 मीटर लंबी व 5 मीटर चौड़ी इंटरलॉकिंग सड़क के निर्माण पर 18 लाख की लागत आई थी। उस सड़क के निर्माण की गुणवत्ता की पोल बहुत जल्द ही खुलकर सामने आ गई है। सड़क किनारे बनी नालियां ध्वस्त होनी शुरू हो गई हैं, साथ ही इंटरलॉकिंग भी उखड़ने लगी है और यह सब निर्माण के महज छह महीने के भीतर ही। इस सड़क के निर्माण को लेकर पालिका के एक पूर्व सभासद अनिल पटेरिया ने 27 फरवरी को शासन में भी ऑनलाइन शिकायत की थी कि मौजा कोंच बदनपुरा के गाटा संख्या 2016 व 2093 सरकारी गूल के एक बड़े हिस्से को मिसमार करके उस पर अवैधानिक रूप से इंटरलॉकिंग कार्य कराया गया है। इसकी जांच में यह बात खुलकर सामने आई थी कि सरकारी गूल के एक हिस्से को मिसमार करके यह सड़क डाली गई है जो बिल्कुल गलत है क्योंकि गूल से किसानों के खेतों की सिंचाई की जाती थी। तब इस मामले को तत्कालीन अधिशासी अधिकारी नगरपालिका पवन किशोर मौर्य ने यह कहकर टरका दिया था कि उन्हें जानकारी नहीं है कि वहां गूल थी, तत्कालीन उपजिलाधिकारी की रिपोर्ट के बाद ही यह सीसी/ इंटरलॉकिंग सड़क डाली गई थी। बहरहाल, सड़क का अल्प समय में ही उखड़ना इसकी गड़बड़ गुणवत्ता की चुगली करती दिखाई दे रही है, लोगों ने इसकी जांच की मांग की है।
_पूर्व सभासद अनिल पटेरिया का आरोप है कि इसमें नाला का श्रेणी परिवर्तन भी नहीं कराया गया, केवल खेत वालों के खेत प्लाटिंग में आ गए सो उन्हें व्यक्तिगत फायदा पहुंचाने के लिए सरकार का 18 लाख खर्च कर दिया गया। एसडीएम ने जांच कमेटी बनाई थी उसमें नाले पर अनधिकृत रूप से रोड डाले जाने की पुष्टि की गई है।_
_इस संबंध में पालिका ईओ मोनिका उमराव का कहना है कि मामला संज्ञान में नहीं है, जेई के साथ सड़क का मुआयना कर स्थिति देखी जाएगी। अगर निर्माण निर्माण कार्य में गुणवत्ता ठीक नहीं पाई गई तो कार्रवाई की जाएगी