गायत्री ज्ञान मंदिर के ज्ञान यज्ञ अभियान के अन्तर्गत 446वाँ युगऋषि वाङ्मय की स्थापना सम्पन्न

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ब्राम्ह अनुभूति अखबार यूपी लाइव न्यूज 24 उत्तर प्रदेश

संपादक प्रवीण सैनी

‘‘ज्ञानदान पूर्वजों के लिये सच्‍ची श्रद्धांजलि है।” -उमानन्द शर्मा

गायत्री ज्ञान मंदिर इंदिरा नगर, लखनऊ के विचार क्रान्ति ज्ञान यज्ञ अभियान के अन्तर्गत ‘‘अर्णव आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज एण्‍ड सी०एन०एस० हॉस्‍पीटल, सतरिख, बाराबंकी, उ०प्र०’’ के पुस्तकालय में गायत्री परिवार के संस्थापक युगऋषि पं० श्रीराम शर्मा आचार्य द्वारा रचित सम्पूर्ण 79 खण्डों का 446वाँ ऋषि वाङ्मय की स्थापना का कार्यक्रम सम्पन्न हुआ। उपरोक्त साहित्य गायत्री परिवार की सक्रिय कार्यकर्त्री श्रीमती सरोज श्रीवास्‍तव ने अपने परिवार के उज्‍ज्‍वल भविष्‍य के लिए भेंट किया तथा उपस्थित संकाय सदस्‍यों एवं छात्र-छात्राओं को अखण्ड ज्योति (हिन्दी) पत्रिका भेंट की।

इस अवसर पर वाङ्मय स्थापना अभियान के मुख्य संयोजक उमानंद शर्मा ने कहा कि “ज्ञानदान पूर्वजों के लिये सच्‍ची श्रद्धांजलि है।” इस अवसर पर गायत्री परिवार की डॉ० नीलम गुप्‍ता एवं श्रीमती सरोज श्रीवास्‍तव ने भी अपने विचार व्‍यक्‍त किये। कार्यक्रम का समापन संस्‍थान के वाइस प्रिंसिपल डॉ० प्रभूनाथ दास के धन्‍यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।

इस अवसर पर गायत्री ज्ञान मंदिर के प्रतिनिधि श्री उमानंद शर्मा, श्री देवेन्द्र सिंह, डॉ० नीलम गुप्‍ता, श्रीमती सरोज श्रीवास्‍तव एवं संस्‍थान की चेयरमैन डॉ० प्रतिभा सचान, वाइस प्रिंसिपल डॉ० प्रभूनाथ दास और असोसिएट प्रोफेसर श्री अरविन्‍द त्रिपाठी एवं डॉ० मैथिव जोसेफ सहित संस्‍थान के चिकित्‍सकगण एवं छात्र-छात्रायें मौजूद रहे।

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