बड़ी संख्या में महिलाओं के साथ सड़क पर उतरी विधायक डॉ पल्लवी पटेल

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ब्राम्ह अनुभूति अखबार यूपी लाइव न्यूज 24 उत्तर प्रदेश

संपादक प्रवीण सैनी

अपना दल कमेरावादी के महिला मंच ने किया विशाल विरोध प्रदर्शन

महंगाई, महिला अधिकार, सामाजिक न्याय और जनहित के अन्य सवालों पर नारे गूंजे

लखनऊ अपना दल कमेरावादी महिला मंच के तत्वावधान में शनिवार को शीर्ष नेता व सिराथू विधायक डॉ पल्लवी पटेल के नेतृत्व में बड़ी संख्या में सड़क पर उतरी महिलाओं ने विशाल विरोध प्रदर्शन किया।

पूर्व नियोजित कार्यक्रम के अनुसार बर्लिंगटन चौराहे पर जुटी अपना दल कमेरावादी महिला मंच की कार्यकर्ताओं ने “हर महिला को सुरक्षा और आजादी दो, सम्मानजनक रोजगार दो” “केजी से पीजी तक महिलाओं की शिक्षा निशुल्क करो” “रोजमर्रा की वस्तुओं की महंगाई पर रोक लगाओ” आदि नारे लगाते और विरोध प्रदर्शन करते हुए जुलूस के शक्ल में विधानसभा की ओर बढ़ी।… विधानसभा मार्ग पर बापू भवन से पहले बैरिकेडिंग लगाकर भारी संख्या में मौजूद पुलिस बल ने प्रदर्शनकारियों को रोक लिया। तीखी नोकझोंक और झड़प के बाद बड़ी संख्या में जुटी महिला प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर बसों में लादकर इको गार्डन ले जाया गया, इस दौरान महिलाएं काफी आक्रामक मुद्रा में दिखी, महिला प्रदर्शनकारियों के साथ काफी संख्या में पुरुष कार्यकर्ताओ का भी भीड़ मौजूद रही।

इस दौरान कार्यक्रम का नेतृत्व कर रही अपना दल कमेरावादी की शीर्ष नेता व सिराथू विधायक डॉ पल्लवी पटेल ने कहा कि वर्ष 1999 में 23 अगस्त को इलाहाबाद के पी. डी. टंडन पार्क में अपना दल के संस्थापक डॉ सोनेलाल पटेल जी पर किसानों कमेरों और सम्पूर्ण वंचितों के हक की आवाज उठाने पर बर्बर लाठीचार्ज और प्राणघातक हमला किया गया था। तभी से अपना दल प्रत्येक वर्ष दूसरी आजादी की प्रथम क्रांति के इस दिवस पर जनहित में आंदोलित रहता है।

इस बार उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में आधी आबादी ने रसोई से लेकर खेत खलिहान, शिक्षा रोजगार के मुद्दों के साथ ही सुरक्षा एवं भागीदारी के लिए आंदोलन का बिगुल फूंका है।

डॉ पल्लवी पटेल ने कहा कि अपना दल कमेरावादी हर महिला की सुरक्षा, निःशुल्क शिक्षा, उचित रोजगार की मांग करता है।

चुकी महंगाई का दंश सबसे ज्यादा महिलाओं को ही झेलना पड़ता है, इसलिए हम रोजमर्रा की मूलभूत आवश्यकता की वस्तुओं की महंगाई पर रोक लगाने की मांग करते हैं। उन्होंने कहा कि सामाजिक न्याय और भागीदारी के बिना वंचितों खासकर महिलाओं के हितों की रक्षा नहीं हो सकती।

इसलिए हम केंद्र एवं प्रदेश सरकार से तत्काल जातिवार जनगणना की तिथि घोषित करने और सम्पूर्ण वंचित वर्ग के साथ ही महिलाओं को भी आबादी के अनुपात में भागीदारी सुनिश्चित करने की ठोस नीति बनाने की मांग करते हैं।

उन्होंने कहा कि हम किसान कमेरों के घर की महिलाएं हैं, इसलिए छुट्टा जानवरों से निजात दिलाकर खेती बचाने, सहकारी समितियां पर खाद बीज की कमी से हो रही कालाबाजारी पर रोक लगाने की भी मांग करते हैं।

इस दौरान उपस्थित कार्यकर्ताओं ने अपना दल के संस्थापक डॉ सोनेलाल पटेल की हत्या की सीबीआई जांच की भी मांग उठाई। कार्यकर्ताओं ने कहा कि वर्तमान केंद्र एवं प्रदेश सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हुई है। कानून व्यवस्था पूरी तरह से बिगड़ी हुई है, सरकारी विभागों में भ्रष्टाचार चरम पर है। इसलिए आज किसने कमेरों के साथ घर की महिलाएं भी सड़क पर उतरी हैं।

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