मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दृढ़ और दूरदर्शी नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ने विकास, निवेश और सुशासन का नया मानक स्थापित किया – डॉ राजेश्वर सिंह

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यूपी लाइव न्यूज 24 उत्तर प्रदेश

मुख्य संपादक प्रवीण सैनी लखनऊ

डॉ. राजेश्वर सिंह, विधायक, सरोजनीनगर

लखनऊ, बुधवार।
उत्तर प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के तृतीय दिवस पर वित्त मंत्री श्री सुरेश कुमार खन्ना द्वारा वित्तीय वर्ष 2026–27 के लिए ₹9,12,696.35 करोड़ का ऐतिहासिक बजट प्रस्तुत किया गया। इस अवसर पर सरोजनीनगर विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने बजट को राज्य के समग्र, समावेशी और सतत विकास का स्पष्ट रोडमैप बताते हुए इसे विकासोन्मुखी सोच और निर्णायक शासन का सशक्त प्रमाण कहा।

डॉ. सिंह ने कहा कि यह बजट केवल आय-व्यय का विवरण नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश के उज्ज्वल भविष्य की दूरदर्शी परिकल्पना है। माननीय मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी के यशस्वी नेतृत्व तथा वित्त मंत्री श्री सुरेश कुमार खन्ना जी के मार्गदर्शन में प्रस्तुत यह बजट अनेक दृष्टियों से ऐतिहासिक है। उत्तर प्रदेश जैसे विशाल राज्य में एक ही मुख्यमंत्री के नेतृत्व में प्रस्तुत किया गया यह 10वां बजट स्थिरता, निरंतरता और नीति-आधारित शासन का प्रतीक है।

उन्होंने बताया कि वर्ष 2026–27 के बजट का कुल आकार पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में लगभग 12.9 प्रतिशत अधिक है, जो राज्य की सुदृढ़ आर्थिक स्थिति और विकास के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

बजट की प्रमुख विशेषताएँ:

₹43,565 करोड़ से अधिक की धनराशि नई योजनाओं हेतु प्रस्तावित।

₹2 लाख करोड़ से अधिक का आवंटन इंफ्रास्ट्रक्चर विकास एवं आर्थिक सुदृढ़ीकरण के लिए, जिससे व्यापक रोजगार सृजन होगा।

कुल बजट का 19.5 प्रतिशत पूंजीगत व्यय (Capital Expenditure) हेतु निर्धारित, जो दीर्घकालिक परिसंपत्तियों के निर्माण पर केंद्रित है।

शिक्षा के लिए 12.4 प्रतिशत तथा चिकित्सा एवं स्वास्थ्य के लिए 6 प्रतिशत आवंटन, मानव संसाधन विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम।

कृषि एवं सम्बद्ध सेवाओं के लिए 9 प्रतिशत आवंटन, जिससे किसानों की आय वृद्धि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बल मिलेगा।

डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा कि 16वें केन्द्रीय वित्त आयोग की संस्तुतियों के अनुरूप वित्तीय वर्ष 2026–27 में राजकोषीय घाटे की सीमा 3 प्रतिशत निर्धारित की गई है, जो वर्ष 2030–31 तक लागू रहेगी। राज्य सरकार सुदृढ़ वित्तीय प्रबंधन और ऋण नियंत्रण के प्रति प्रतिबद्ध है। वर्ष 2016–17 में 29.3 प्रतिशत ऋण-जीएसडीपी अनुपात की विरासत मिलने के बावजूद सरकार ने इसे वर्ष 2019–20 तक घटाकर 27.9 प्रतिशत किया, जो वित्तीय अनुशासन और सुशासन का परिचायक है।

उन्होंने आगे कहा कि यह बजट युवा, किसान, महिला, गरीब और उद्यमियों—सभी वर्गों के सशक्त भविष्य की मजबूत नींव रखता है। इंफ्रास्ट्रक्चर, औद्योगिक विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य और कृषि पर केंद्रित यह दृष्टिकोण उत्तर प्रदेश को ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था की दिशा में तीव्र गति से अग्रसर करेगा।

अमेरिका की पूर्व प्रथम महिला एलेनोर रूजवेल्ट के शब्दों को उद्धृत करते हुए डॉ. सिंह ने कहा,
“महान मस्तिष्क विचारों पर विमर्श करते हैं, सामान्य मस्तिष्क घटनाओं पर चर्चा करते हैं और छोटे मस्तिष्क व्यक्तियों में उलझे रहते हैं।”

उन्होंने कहा कि जब सरकार विचारों, नीतियों और दीर्घकालिक विकास दृष्टि से राज्य का निर्माण कर रही है, तब निरर्थक आलोचनाएँ स्वतः अपना स्तर प्रदर्शित कर देती हैं।

डॉ. राजेश्वर सिंह ने विश्वास व्यक्त किया कि उत्तर प्रदेश आज विकास, सुशासन और समृद्धि की राह पर दृढ़ता से अग्रसर है, और यह बजट नवनिर्माण एवं आत्मनिर्भरता का ऐतिहासिक दस्तावेज सिद्ध होगा।

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