ब्राम्ह अनुभूति अखबार यूपी लाइव न्यूज 24 उत्तर प्रदेश
सह संपादक कपिल गुप्ता
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अजमेर. जिले की पीसांगन तहसील के नाथुथाला गांव में गुरुवार को एक दर्दनाक हादसे ने पूरे गांव को गमगीन कर दिया. गांव की एक विधवा महिला के दो मासूम बेटे खेलते-खेलते संदूक में जा छिपे, लेकिन ढक्कन बंद हो जाने से दोनों की दम घुटने से मौत हो गई.
एएसपी ग्रामीण दीपक कुमार ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची. प्रारंभिक जांच में यह एक दुखद दुर्घटना प्रतीत हो रही है. बच्चों के शवों का पोस्टमार्टम कर परिजनों को सौंप दिया गया है. मामले की जांच जारी है.
गांव के सरपंच कल्लू चीता ने बताया कि नाथुथाला गांव निवासी लाडली खातून अपने दो बच्चों, 6 वर्षीय साबिर चीता और 4 वर्षीय समीर चीता के साथ रहती थी. पति के निधन के बाद वह मजदूरी कर अपने बच्चों का पालन-पोषण कर रही थी. गुरुवार को भी वह रोज़ की तरह मजदूरी पर चली गई थी और दोनों बच्चे घर पर अकेले थे.
बच्चे खेलते-खेलते घर में रखे एक बड़े लोहे के संदूक में जा छिपे. खेल में मगन बच्चों को इस बात का अंदाजा नहीं था कि संदूक का ढक्कन ऊपर से बंद हो सकता है. दुर्भाग्यवश ढक्कन बंद हो गया और बच्चे अंदर ही फंस गए. पर्याप्त ऑक्सीजन न मिलने के कारण संदूक के भीतर ही दोनों बच्चों की दम घुटने से मौत हो गई. शाम को जब लाडली खातून घर लौटी तो बच्चों को ढूंढने लगी. काफी खोजबीन के बाद जब संदूक खोला गया तो दोनों बच्चे अचेत अवस्था में पाए गए. ग्रामीणों की मदद से उन्हें तुरंत पीसांगन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया.