ब्राम्ह अनुभूति अखबार यूपी लाइव न्यूज 24 उत्तर प्रदेश
उप संपादक संजय मिश्रा
निर्मोही अखाड़ा गोवर्धन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राम जन्मभूमि अयोध्या के प्रमुख पक्षकार बुंदेलखंड पीठाधीश्वर महंत सीताराम दास महाराज ने आज के दौर में गायों की दुर्दशा पर चिंता जताते हुए कहा, यद्यपि सरकारी स्तर पर गायों के संरक्षण के लिए प्रयास किए जा रहे हैं लेकिन इस काम में जन सहभागिता की भी जरूरत है। यह बात उन्होंने पं. ब्रजनंदन तिवारी के आवास पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए कही।
समीपस्थ ग्राम पांड़ौरी में श्रीमद्भागवत कथा कहने आए महंत सीताराम दास महाराज का ब्रजनंदन तिवारी के आवास पर पहुंचने पर उनके परिजनों और आसपास के लोगों ने माल्यार्पण और रोली अक्षत से स्वागत करते हुए आशीर्वाद लिया। उन्होंने अयोध्या में भव्य राममंदिर निर्माण को स्वागत योग्य बताते हुए मंदिर आंदोलन से जुड़े तमाम संस्मरण सुनाए और उसमें निर्मोही अखाड़े की भूमिका के बारे में बताया। उन्होंने कहा, राम केवल अयोध्या के राजा नहीं हैं बल्कि राम तो भारत देश की आत्मा हैं। उन्होंने कहा, अयोध्या से लंका और लंका से अयोध्या तक के कालचक्र में जहां जहां भगवान राम का प्रवास रहा वहां वहां निर्मोही अखाड़े की उपलब्धता अपने आप में स्वयं सिद्ध है कि भगवान राम को लेकर निर्मोही अखाड़े की भूमिका की कितनी गहरे तक पैठ है। उन्होंने प्रथम स्वातंत्र्य समर की प्रणेता महारानी लक्ष्मीबाई और निर्मोही अखाड़े के बीच संबंधों पर भी चर्चा की। उन्होंने गोपालन के तमाम लाभ गिनाते हुए कहा, गोसंवर्धन को लेकर व्यक्ति को अपनी सोच बदलनी होगी, हर व्यक्ति खासतौर पर सनातनी को एक गाय अवश्य ही अपने घर में रखनी चाहिए। कलियुग में गाय की सेवा का बड़ा महत्व है, इसमें न केवल देवताओं का वास होता है अपितु वैज्ञानिक दृष्टिकोण से भी गाय स्वास्थ्य संवर्धन में अपनी महती भूमिका निभाती है। इस दौरान कृष्णकांत, राघवेंद्र, रामप्रकाश यादव, गांधी स्वर्णकार, हरिश्चंद्र, अंजनी श्रीवास्तव आदि रहे