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संस्थापक संपादक प्रवीण सैनी
लखनऊ: नगर आयुक्त गौरव कुमार के निर्देश एवं अपर नगर आयुक्त डॉ. अरविंद कुमार राव के आदेशानुसार, नगर निगम द्वारा अवैध डेरियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करते हुए एक विशेष अभियान चलाया गया। यह अभियान जोन-8, थाना आशियाना क्षेत्र के अंतर्गत रतन खंड, रूचि खंड, सेक्टर-एच और एलडीए कॉलोनी में चलाया गया, जिसमें अवैध डेरी संचालन, सार्वजनिक स्थानों पर अतिक्रमण एवं आवारा पशुओं के कारण हो रही असुविधाओं को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया गया।
इस अभियान का नेतृत्व पशु कल्याण अधिकारी डॉ. अभिनव वर्मा द्वारा किया गया, जिनके साथ पुलिस बल, नगर निगम प्रवर्तन दल एवं पशु कल्याण विभाग के अन्य कर्मचारी भी मौजूद रहे। कार्रवाई के दौरान मौके से 18 गायें और 1 बछिया को जब्त किया गया, जिन्हें पीजीआई स्थित कांजी हाउस में निरुद्ध कराया गया है। इन पशुओं को नियमानुसार जुर्माना भरने के बाद ही रिहा किया जाएगा।
नगर निगम को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि उक्त क्षेत्रों में कुछ पशुपालक दूध दूहने के बाद अपने पशुओं को खुला छोड़ देते हैं। इससे क्षेत्र में गंदगी फैलने, नालियों में गोबर बहने और आवागमन में बाधा उत्पन्न होने जैसी समस्याएं सामने आ रही थीं। इसके अतिरिक्त, आवारा पशुओं के कारण दुर्घटनाओं की आशंका भी बनी रहती थी।
सार्वजनिक स्थानों विशेषकर पार्कों में कुछ पशुपालकों द्वारा अपने मवेशियों को बाँधकर अतिक्रमण किया जा रहा था, जिससे स्थानीय बच्चों को खेलने में असुविधा के साथ भय का भी माहौल बनता था। नागरिकों की शिकायतों पर संज्ञान लेते हुए नगर निगम ने त्वरित कार्रवाई का निर्णय लिया।
नगर निगम द्वारा स्पष्ट किया गया है कि शहरी क्षेत्रों में डेरी संचालन की अनुमति नहीं दी जाती है। निगम के नियमानुसार, केवल अधिकतम दो गायों को लाइसेंस लेकर पालने की अनुमति दी जाती है। साथ ही, नगर निगम अधिनियम 1959 के अंतर्गत भैंस को अपदूषण कारक पशु माना गया है, इसलिए शहरी क्षेत्रों में भैंस पालने की अनुमति नहीं दी जाती।
इस अभियान में पशु कल्याण विभाग से प्रभारी श्री मनोज सिंह, श्री फुरकान, श्री अभिनव, श्री शिवेक, श्री रामकुमार एवं श्री नदीम ने विशेष योगदान दिया।
लखनऊ नगर निगम ने नागरिकों से अपील की है कि वे नियमों का पालन करें, शहर को स्वच्छ एवं सुरक्षित रखने में सहयोग करें तथा अवैध डेरी संचालन से परहेज करें। आगे भी ऐसे अभियानों को नियमित रूप से चलाया जाएगा ताकि शहर में साफ-सफाई, यातायात और नागरिक सुविधा को सुनिश्चित किया जा सके।