ब्राम्ह अनुभूति अखबार यूपी लाइव न्यूज 24 उत्तर प्रदेश
जिला रिपोर्टर अरुण सिंह
कानपुर: बिकरू कांड के आरोपी छोटू उर्फ अखिलेश को हाईकोर्ट से गुरुवार को जमानत मिल गयी. तीन आरोपियों गुड्डन त्रिवेदी, सुशील तिवारी और अरविंद त्रिवेदी को हाईकोर्ट से पहले जमानत मिल चुकी थी. जमानत के लिए पैरवी करने वाले अधिवक्ता एलएम सिंह ने इसकी पुष्टि की.बिकरू कांड में तीनों आरोपियों के शामिल होने की पुष्टि होने के बाद सभी के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ था. जुलाई 2020 में कानपुर के चौबेपुर स्थित बिकरू गांव में देर शाम गैंग्स्टर विकास दुबे और पुलिसकर्मियों के बीच जमकर गोलियां चली थीं. उस कांड में सीओ समेत आठ पुलिसकर्मियों की मौत हो गई थी. इसके बाद पुलिस ने मुख्य आरोपी गैंग्स्टर विकास दुबे समेत अन्य नामजद आरोपियों पर शिकंजा कसते हुए सभी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की थी.
गैंगस्टर विकास दुबे का एनकाउंटर हुआ था. गांव के लोगों का कहना था, आरोपियों में शामिल गुड्डन त्रिवेदी, सुशील तिवारी, अरविंद त्रिवेदी पर विकास दुबे को असलहे पहुंचाने का आरोप था. पुलिस की जांच में साक्ष्य मिलने पर सभी के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था. तीनों आरोपियों को गुरुवार को हाईकोर्ट से जमानत मिल गई.
विकास दुबे का खजांची जय बाजपेई बलवा के मामले में दोषमुक्त: बिकरू कांड में मुख्य आरोपी गैंगस्टर विकास दुबे के खजांची रहे जय बाजपेई को कानपुर में एसीजेएम अभिनव तिवारी की कोर्ट से गुरुवार को बलवा के मामले में दोषमुक्त कर दिया गया. जय बाजपेई के भाई शोभित बाजपेई ने यह जानकारी दी.अभी फिलहाल जय बाजपेई को जेल में ही रहना होगा. उसके खिलाफ कई अन्य मामले लंबित हैं.
अधिवक्ता एलएम सिंह ने बताया आरोपी गुड्डन त्रिवेदी और सुशील तिवारी को लगभग दो साल पहले जमानत मिल गयी थी और वो बरी हो गए थे. हालांकि बिकरू कांड में ही उन पर कई अन्य मुकदमे दर्ज हैं. वहीं एक आरोपी छोटू उर्फ़ अखिलेश को 12 मई को एक मामले में हाईकोर्ट से जमानत मिल गयी थी. छोटू के खिलाफ दर्ज गैंगस्टर के मामले में अब अपील दायर की गयी है. गुड्डन और सुशील को लगभग दो साल पहले गैंगस्टर के मामले में हीं जमानत मिल गयी थी.