रतलाम में लगे मंत्री विजय शाह के देशद्रोही वाले पोस्टर, समर्थन में झोपड़ी वाले विधायक

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यूपी लाइव न्यूज 24 प्रदेश जनहित खबर उत्तर प्रदेश

सह संपादक कपिल गुप्ता

रतलाम: मध्य प्रदेश के जनजातीय कार्य मंत्री और रतलाम के प्रभारी मंत्री विजय शाह के खिलाफ शहर में अलग-अलग जगहों पर पोस्टर लगाए गए हैं. जिनमें मंत्री विजय शाह को देशद्रोही और गद्दार बताया है. बता दें कि मंत्री विजय शाह का कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर दिए गए बयान का लगातार विरोध जारी है. सैलाना से भारत आदिवासी पार्टी के विधायक कमलेश्वर डोडियार ने मंत्री विजय शाह का पक्ष लेते हुए कहा कि वह आदिवासी हैं, इसलिए इतना हंगामा मचा हुआ है.

गुरुवार रात रतलाम में लगे मंत्री के पोस्टर

मंत्री विजय शाह को लेकर यह पोस्टर गुरुवार रात में लगाए गए हैं. पोस्टर लगाने वाले शख्स का नाम गौरव पोरवाल डेलनपुर लिखा हुआ है. पोस्टर में मंत्री विजय शाह को देशद्रोही और गद्दार बताया गया है. साथ ही यह भी लिखा है कि देश की बेटी का अपमान नहीं सहेगा हिंदुस्तान और कमल के उलटे फूल के साथ मंत्री का फोटो भी लगाया गया है. फोटो के साथ वतन के भाजपाई गद्दार भी लिखा है
इन पोस्टर को रातों-रात भाजपाइयों और प्रशासन ने कुछ जगह से पोस्टर हटाए हैं. हालांकि इन पोस्टरों को दिन के उजाले में हटाने की हिमाकत न बीजेपी कर पाई और ना ही प्रशासन के लोग कर पाए हैं. पोस्टर लगने के बाद रतलाम के भाजपा कार्यकर्ता असमंजस में हैं कि इन पोस्टर को हटाएं या नहीं.

मंत्री के समर्थन में सैलाना विधायक

रतलाम के सैलाना से भारतीय आदिवासी पार्टी के विधायक कमलेश्वर डोडियार मंत्री विजय शाह के समर्थन में आ गए हैं. झोपड़ी वाले विधायक ने अपने एक्स हैंडल पर लिखा है कि “मुश्किल से आदिवासी व्यक्ति को मंत्री बनने का मौका मिलता है. विजय शाहजी एक मंजे हुए राजनेता हैं. इसलिए पार्टी और विचारधारा अपनी जगह पर है. हम मंत्री विजय शाह का समर्थन करते हैं. उन्हें टारगेट इसलिए किया जा रहा है क्योंकि वह आदिवासी हैं.”
समर्थन में आने के बाद विधायक हो रहे ट्रोल

हालांकि मंत्री जी के समर्थन में आने पर कई लोगों ने विधायक कमलेश्वर डोडियार को ट्रोल कर कहा है कि ऐसी टिप्पणी करने वाले मंत्री को कभी समर्थन नहीं देना चाहिए. चाहे आदिवासी हो या गैर आदिवासी.
एक अन्य यूजर ने लिखा है कि क्यों परेशान हो रहे एमएलए साहब, आदिवासी समाज के मंत्री होना तब याद आता है जब उनका अपमान होता है, उन पर कार्रवाई होती है तब. जब आदिवासी समाज के साथ अत्याचार, अन्याय, मारपीट, हत्या, बलात्कार होते हैं तब ये सभी मंत्री महोदय चुपचाप रहते है.

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