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संस्थापक संपादक प्रवीण सैनी
लखनऊ। मण्डलायुक्त लखनऊ एवं नगर आयुक्त नगर निगम लखनऊ श्री गौरव कुमार के निर्देश पर ग्राम बिजनौर, तहसील सरोजनी नगर में अवैध अतिक्रमण हटाने के लिए एक व्यापक अभियान चलाया गया। इस अभियान के अंतर्गत नगर निगम और तहसील प्रशासन की संयुक्त टीम ने सरकारी भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया।
इस विशेष अभियान का नेतृत्व अपर नगर आयुक्त श्री पंकज श्रीवास्तव द्वारा गठित टीम ने किया। ग्राम बिजनौर स्थित गाटा संख्या 1919 (0.2530 हेक्टेयर) और गाटा संख्या 1367 (0.052 हेक्टेयर) की भूमि, जो राजस्व अभिलेखों में ऊसर और तालाब के रूप में दर्ज है और नगर निगम की संपत्ति है, पर स्थानीय प्रॉपर्टी डीलरों व कुछ व्यक्तियों द्वारा अवैध प्लाटिंग, पिलर निर्माण, नींव भराई और सीमेन्टेड बाउंड्रीवाल खड़ी कर अतिक्रमण करने का प्रयास किया जा रहा था।
नगर निगम की संपत्ति प्रभारी अधिकारी श्री संजय यादव के निर्देशन में तहसील प्रशासन की टीम, जिसमें तहसीलदार श्री अरविन्द पाण्डेय, नायब तहसीलदार श्री रत्नेश कुमार, नगर निगम के राजस्व निरीक्षक श्री अविनाश चन्द्र तिवारी, लेखपाल श्री मृदुल मिश्रा एवं श्री सन्दीप यादव, तथा तहसील सरोजनी नगर के लेखपाल श्री आदेश शुक्ला शामिल थे, ने जेसीबी मशीन की सहायता से अवैध निर्माण को ध्वस्त किया और भूमि को कब्जे से मुक्त कराया। मौके पर थानाध्यक्ष बिजनौर द्वारा उपलब्ध कराई गई पुलिस बल, पीएसी फोर्स और नगर निगम की ईटीएफ टीम भी मौजूद रही जिससे कार्रवाई शांतिपूर्वक तरीके से संपन्न हो सकी।
उल्लेखनीय है कि गाटा संख्या 1256मि0 व 1351मि0 पर पहले से ही तहसील द्वारा बेदखली का आदेश जारी किया गया था। लेकिन जब टीम मौके पर पहुंची तो अवैध कब्जाधारियों ने विरोध किया। स्थिति को संभालते हुए प्रशासन ने कार्रवाई को आगामी तिथि के लिए स्थगित कर दिया और शांति व्यवस्था बनाए रखी।
इस अभियान के अंतर्गत कुल 0.305 हेक्टेयर भूमि को अवैध कब्जे से मुक्त कराया गया। विशेषज्ञों के अनुसार, इस भूमि की वर्तमान बाजार कीमत लगभग 5 करोड़ रुपये आंकी गई है। यह कार्यवाही सरकारी संपत्ति की सुरक्षा के लिहाज से अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में भी इस प्रकार की अतिक्रमण विरोधी कार्रवाई लगातार जारी रहेंगी। प्रशासन द्वारा आम जनता से अपील की गई है कि वे सरकारी भूमि पर अवैध निर्माण या कब्जा करने से बचें अन्यथा उनके विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।