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संस्थापक संपादक प्रवीण सैनी
लखनऊ विश्वविद्यालय बना गौरवगाथा का साक्षी
लखनऊ विश्वविद्यालय प्रांगण में सोमवार को छत्रपति शिवाजी महाराज के साम्राज्योत्सव के उपलक्ष्य में “हिन्दवी स्वराज्य दिवस समारोह” का भव्य आयोजन हुआ। ज्येष्ठ शुक्ल त्रयोदशी के पावन अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में ऐतिहासिक चेतना, राष्ट्रप्रेम और सांस्कृतिक गरिमा का अद्वितीय संगम देखने को मिला।
इस गरिमामयी कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रहे भाजपा के प्रदेश महामंत्री श्री धर्मपाल जी (भाई साहब), वहीं विशिष्ट अतिथि के रूप में लखनऊ की माननीय महापौर श्रीमती सुषमा खर्कवाल जी ने अपने ओजस्वी उद्बोधन से सभा को प्रेरणा से भर दिया।
मुख्य वक्ता के रूप में अखिल भारतीय कुटुंब प्रबोधन संयोजक श्री रवींद्र जोशी जी (भाई साहब) ने शिवाजी महाराज के जीवन-दर्शन और राष्ट्रनिर्माण में उनकी भूमिका पर प्रकाश डाला।
*महापौर सुषमा खर्कवाल का प्रेरक संबोधन*
कार्यक्रम में उपस्थित सभा को संबोधित करते हुए महापौर श्रीमती सुषमा खर्कवाल जी ने कहा,
> “यह आयोजन केवल एक स्मरण नहीं, बल्कि हमारे इतिहास, हमारी अस्मिता और आत्मगौरव का उत्सव है।”
उन्होंने छत्रपति शिवाजी महाराज को केवल एक योद्धा नहीं, बल्कि एक दूरदर्शी प्रशासक और लोकनायक के रूप में चित्रित किया। उन्होंने विद्यार्थियों को आह्वान करते हुए कहा कि
> “आप शिवाजी महाराज के विचारों को केवल याद न करें, बल्कि उन्हें जीवन में आत्मसात करें।”
महापौर ने अपने संबोधन में प्रशासन में पारदर्शिता, सामाजिक समरसता, धर्मनिरपेक्षता और राष्ट्र सर्वोपरि जैसे मूल्यों को अपनाने की प्रेरणा दी। साथ ही यह भी बताया कि नगर निगम लखनऊ भी शिवाजी महाराज की प्रेरणा से नागरिक सेवाओं को जनकेंद्रित बनाने की दिशा में निरंतर प्रयासरत है।
*अन्य गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति*
कार्यक्रम में कई प्रमुख हस्तियां भी उपस्थित रहीं, जिनमें शामिल हैं:
– माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के सलाहकार श्री अवनीश अवस्थी जी
– माननीय सदस्य विधान परिषद ई. अवनीश सिंह जी, श्री संतोष सिंह जी, श्री धर्मेंद्र सिंह जी
– कार्यक्रम संयोजक डॉ. संजय शुक्ला जी
– पूर्व क्षेत्रीय संगठन मंत्री आदरणीय अशोक तिवारी जी
– पिछड़ा वर्ग आयोग के सदस्य श्री अशोक कुमार जी
– प्रसिद्ध कवि वेद व्रत वाजपेई जी
– पूर्व विधायक श्री सुरेश तिवारी जी
– अन्य विशिष्टजन: श्री मान सिंह जी, श्रीमती अनीता अग्रवाल जी, श्रीमती राजेश्वरी त्रिपाठी जी, सुश्री महिमा सिंह जी, इसके अलावा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं, विश्वविद्यालय के शिक्षकगण, पार्टी पदाधिकारीगण एवं स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।
*आयोजन का उद्देश्य*
इस आयोजन का उद्देश्य युवाओं को छत्रपति शिवाजी महाराज के विचारों और नेतृत्व से प्रेरित कर राष्ट्रभक्ति, आत्मनिर्भरता और न्यायपूर्ण शासन के प्रति सजग बनाना था। साथ ही इस प्रकार के आयोजनों से संस्कृति और इतिहास के प्रति नई पीढ़ी में चेतना जागृत होती है।
हिन्दवी स्वराज्य दिवस समारोह केवल एक सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं रहा, बल्कि यह राष्ट्रगौरव, ऐतिहासिक स्मृति और युवा सशक्तिकरण का प्रतीक बन गया।
कार्यक्रम के अंत में छत्रपति शिवाजी महाराज को समर्पित एक स्वर-नाटिका प्रस्तुत की गई जिसने पूरे वातावरण को देशभक्ति से ओतप्रोत कर दिया।
> “जिस धरती पर शिवाजी जैसा पुत्र जन्म ले सकता है, वह भूमि कभी गुलाम नहीं रह सकती।” — इस उद्घोष के साथ समारोह का समापन हुआ।