ब्राम्ह अनुभूति अखबार यूपी लाइव न्यूज 24 उत्तर प्रदेश
सह संपादक कपिल गुप्ता
पटना: बिहार विधानसभा चुनाव के लिए प्रशासनिक तैयारियां तेज हो गई हैं. सभी बूथ लेवल ऑफिसरों (बीएलओ) की ऑनलाइन मूल्यांकन परीक्षा सोमवार को आयोजित की गई जिसमें 394 बीएलओ शामिल हुए. पटना के मसौढ़ी में 394 बीएलओ परीक्षा में शामिल हुए. परीक्षा सभी प्रखंड मुख्यालयों में की गई. परीक्षा में वही बीएलओ शामिल हुए जिन्होंने हाल ही में प्रखंड स्तर पर ट्रेनिंग प्राप्त की है. ट्रेनिंग के बाद अब उनका मूल्यांकन किया जा रहा है.
मसौढ़ी में 394 बीएलओ ने दी परीक्षा: परीक्षा के लिए सभी प्रखंडों के बीडीओ को अहम जिम्मेवारी दी गई है. मसौढ़ी विधानसभा क्षेत्र के निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी को भी परीक्षा की मॉनिटरिंग करने की जिम्मेवारी जिला पदाधिकारी ने दी है. मसौढ़ी विधानसभा क्षेत्र में कुल 394 मतदान केंद्र हैं. बीएलओ की दक्षता बढ़ाने के लिए उन्हें चरणबद्ध तरीके से प्रशिक्षित किया गया.
हर सवाल के लिए एक मिनट का समय: सभी उत्तर अपने आप सर्वर पर सबमिट हो जाएंगे. बीएलओ ऐप के दूसरे टैब में अपने द्वारा दिए गए उत्तर देख सकेंगे. इसमें बीएलओ को 30 मिनट में 30 सवाल हल करने रहे. अलग-अलग सेट में परीक्षा से संबंधित प्रश्न पूछे गये. सहायक निर्वाची पदाधिकारी प्रभाकर कुमार ने स्पष्ट किया कि 18 से कम प्राप्त करने वाले बीएलओ के विरुद्ध निदेशानुसार कार्रवाई की जाएगी.
“प्रशिक्षण प्राप्त बीएलओ का प्रखंड स्तर पर मोबाइल ऐप के जरिए ऑनलाइन मूल्यांकन परीक्षा ली गई है. 30 मिनट में 30 प्रश्नों के जवाब देने थे जिसमें 19 प्रश्नों का हल जरूरी था. जिन बीएलओ का 18 से कम अंक आएंगे उनपर कार्रवाई की जाएगी.” -प्रभाकर कुमार, बीडीओ, सहायक निर्वाचन पदाधिकारी
मास्टर ट्रेनर तैयार किये गए 100 बीएलओ: दरअसल, पहले चरण में मसौढ़ी प्रखंड क्षेत्रों से कुछ बीएलओ को दिल्ली में ट्रेनिंग दी गई. दूसरे चरण में 70 बीएलओ को जिला मुख्यालय में प्रशिक्षित किया गया. इस प्रकार कुल 100 बीएलओ को मास्टर ट्रेनर के रूप में तैयार किया गया. मास्टर ट्रेनर के माध्यम से शेष बीएलओ को विधानसभा स्तर पर प्रशिक्षित किया गया.
बिहार में चुनाव कब होंगे?: बिहार की वर्तमान यानी नीतीश सरकार का कार्यकाल 23 नवंबर 2020 से शुरू हुआ था. नीतीश सरकार का कार्यकाल इस साल यानी 2025 में 22 नवंबर तक है. जाहिर है कि इससे पहले चुनाव होंगे. माना जा रहा है कि सितंबर से अक्टूबर के बीच आचार संहित लग जाएगी. माना ये भी जा रहा है कि अक्टूबर से नवंबर के शुरुआती हफ्ते के बीच वोटिंग और मतों की गिनती संपन्न कराई जा सकती है.