ब्राम्ह अनुभूति अखबार यूपी लाइव न्यूज 24 उत्तर प्रदेश
संस्थापक संपादक प्रवीण सैनी
लखनऊ: जलकल विभाग, नगर निगम लखनऊ में महाप्रबंधक महोदय की अध्यक्षता में आयोजित जलकल कर्मचारी समन्वय समिति की बैठक में कर्मचारियों से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर विचार-विमर्श किया गया। बैठक में विभागीय अधिकारियों और कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधियों की उपस्थिति रही।
इस महत्वपूर्ण बैठक में विभाग की ओर से महाप्रबंधक श्री कुलदीप वह सिंह, सचिव श्री विश्वनाथ, प्रभारी अधिशासी अभियंता श्री संचिन सिंह यादव एवं श्री अनिल कुमार, वित्त अधिकारी श्री धर्मेंद्र कुमार सिंह, लेखाधिकारी श्री पंकज कुमार सोती एवं सहायक लेखा अधिकारी श्री अशोक सिंह उपस्थित रहे। वहीं कर्मचारी संगठनों की ओर से श्री तूफानी (संयोजक), श्री संदीप अवस्थी, श्री मुख्तार अली, श्री सोनू कुमार, श्री शिव शंकर भारती, श्री शानू आलम, श्री धर्मपाल पटेल, श्री हरेश कुमार तथा श्री शैलेश धानुक सहित अन्य प्रतिनिधि भी बैठक में मौजूद रहे।
*बैठक में उठाए गए मुद्दों पर विभाग द्वारा प्रस्तुत “निस्तारण” के अनुसार विश्लेषण निम्न प्रकार है:*
🔹 *प्रमुख बिंदु और निस्तारण विवरण*
*1. चतुर्थ श्रेणी से तृतीय श्रेणी में 20% पदोन्नति:*
निस्तारण: संघ की सहमति से पदोन्नति प्रस्ताव शासन को भेजा गया। शासनादेश के अनुसार कार्यवाही की जाएगी।
*2. रिक्त पदों पर वरिष्ठ कर्मियों की पदोन्नति:*
निस्तारण: शैक्षिक योग्यता के आधार पर पदोन्नति संभव नहीं, शासनादेश के अनुसार प्रक्रिया संचालित की जाएगी।
*3. वरिष्ठता सूची की प्रमाणित प्रति उपलब्ध कराना:*
निस्तारण: संघ की मांग अनुसार अद्यतन सूची संशोधित कर उपलब्ध कराई जाएगी।
*4. सफाई कर्मियों की सफाई नायक पद पर पदोन्नति:*
निस्तारण: संघ की सहमति से कार्यवाही हेतु प्रस्ताव अग्रसित किया गया।
*5. कैशलेस चिकित्सा सुविधा का लाभ:*
निस्तारण: केवल राजकीय कर्मचारियों के लिए लागू। स्थायी समिति की अनुमति के बाद लागू किया जाएगा।
*6. 1996 से बंद किए गए ओवरटाइम भुगतान की जांच:*
निस्तारण: ऑडिट रिपोर्ट अनुसार नियमानुसार देयता होने पर भुगतान की संभावना।
*7. सेवानिवृत्त कर्मचारियों को पुनः न्यून वेतन पर नियुक्ति:*
निस्तारण: प्रस्ताव पारित कर विभाग में पुनः नियुक्ति हेतु कार्यवाही की जा चुकी है।
*8. सेवानिवृत्त कर्मचारियों को विदाई समारोह:*
निस्तारण: प्रत्येक माह के प्रथम सप्ताह में आयोजन का प्रयास किया जाएगा।
*9. सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लंबित लाभों का भुगतान:*
निस्तारण: नियमानुसार प्रक्रिया संचालित, विलंब होने पर टेबल पर कार्यवाही की जाती है।
*10. विभागीय अधिकारियों को दी गई गाड़ियों की जानकारी:*
निस्तारण: शासनादेश के अनुसार 1979 की धारा 4 (क) के अंतर्गत जानकारी देने से इनकार।
*11. वाहनों के किराए पर खर्च और संचालन की रिपोर्ट:*
निस्तारण: बिंदु संख्या-10 के अनुसार ही।
*12. सामाजिक/धार्मिक आयोजनों पर खर्च:*
निस्तारण: बिंदु संख्या-10 के अनुसार ही।
*13. ट्यूबवेल और पंपिंग स्टेशनों पर विद्युत खपत:*
निस्तारण: बिंदु संख्या-10 के अनुसार ही।
*14. लेखा संवर्ग में प्रमोशन की स्थिति:*
निस्तारण: पदोन्नति हेतु वरिष्ठता सूची पर कार्यवाही की जा रही है।
*15. 2020–2025 के बीच की ऑडिट आपत्तियां:*
निस्तारण: सभी आपत्तियों की रिपोर्ट उपलब्ध है, टिप्पणी नहीं की जा सकती।
*16. फर्जी बिल्डिंग टैक्स की वसूली:*
निस्तारण: कुल 5,18,191 डिमांड दर्ज, ऑनलाइन प्रक्रिया शुरू।
*17. भ्रष्टाचार पर कार्रवाई:*
निस्तारण: ऐसा कोई मामला संघ द्वारा दर्शाया नहीं गया।
*18. कर्मचारियों का बीमा धनराशि ₹5 लाख तक:*
निस्तारण: शासनादेश अनुसार कार्यवाही की जाएगी।
*19. कर्मचारी कल्याण निधि गठन:*
निस्तारण: कर्मचारी संगठन अपने स्तर से गठन हेतु स्वतंत्र हैं।
*20. विभाग में नियुक्त कर्मचारियों की सूची (1–9 अनुभाग अनुसार):*
निस्तारण: RTI अधिनियम 2005 की धारा 8(1)(j) के तहत सूचना गोपनीय, सार्वजनिक नहीं की जा सकती।
*21. आवासों में अनधिकृत कब्जे:*
निस्तारण: प्राप्त सूचना की जांच कर कार्रवाई की जा रही है।
*22. सुएज इंडिया से बैठक:*
निस्तारण: कंपनी से अनुबंध की वैधता पर कर्मचारी संगठन ने आपत्ति जताई, विभागीय समीक्षा चल रही है।
*23. PSS/अवर अभियंताओं के स्थानांतरण की जांच:*
निस्तारण: स्थानांतरणों की वैधता की जांच की जा रही है, शासन के नियमों के अनुसार कार्रवाई होगी।
*24. विभागीय राजस्व वसूली के टारगेट एवं समीक्षा:*
निस्तारण: शासन के निर्देश पर विभागीय अधिकारी कार्य कर रहे हैं, समीक्षा रिपोर्ट तैयार।
*25. कार्यरत आउटसोर्सिंग कर्मचारियों का PF गबन (₹60 लाख):*
निस्तारण: ईपीएफओ/ईएसआई मद में कोई वित्तीय अनियमितता नहीं हुई। जिन कर्मचारियों के खाते नहीं खुले थे, उनके धनराशि सुरक्षित है।
*नियमावली का सख्त पालन:*
बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि उत्तर प्रदेश (सेवा संघों को मान्यता) नियमावली 1979 की धारा 4(क) के अनुसार सेवा संघ के सदस्य केवल कर्मचारियों के सामान्य हित से संबंधित विषयों पर ही कार्य कर सकते हैं। किसी व्यक्तिगत या अपवादात्मक मामले में शिष्टमंडल अथवा अभ्यावेदन भेजना नियम विरुद्ध माना जाएगा। इसी के अनुरूप विभाग ने कुछ प्रकरणों में सूचनाएं देने से इनकार किया।