सरोजनीनगर से अयोध्या तक, रामभक्ति में सराबोर श्रद्धालु: ‘रामरथ श्रवण अयोध्या यात्रा’ का 44वां पड़ाव सम्पन्न

Spread the love

ब्राम्ह अनुभूति अखबार यूपी लाइव न्यूज 24 उत्तर प्रदेश

संस्थापक संपादक प्रवीण सैनी

लखनऊ श्रद्धा जब लोकगीतों में बहती है, सेवा जब यज्ञ का स्वरूप लेती है, और आस्था जब नेतृत्व के संकल्प से जुड़ती है तब ‘रामरथ श्रवण अयोध्या यात्रा’ जैसा अनुपम दृश्य आकार लेता है। मंगलवार को सरोजनीनगर विधानसभा क्षेत्र के काशीराम कॉलोनी (सदरौना) से श्रद्धालुओं का एक भावप्रवाहित जत्था ढोलक की थाप, मंगलगीतों की लहर और रामनाम के गगनभेदी जयघोषों के साथ अयोध्या धाम के लिए रवाना हुआ।

रामरथ श्रवण अयोध्या यात्रा निःशुल्क बस सेवा का यह 44वां संस्करण, विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह द्वारा अपनी पूज्य माताजी स्वर्गीय श्रीमती तारा सिंह जी की स्मृति में संचालित सेवा-परंपरा का गौरवशाली पड़ाव था, जो अब तक हजारों वृद्धजनों और वंचित श्रद्धालुओं को प्रभु श्रीराम के दिव्य धाम तक पहुँचा चुका है।

सुबह से ही काशीराम कॉलोनी भक्ति, उल्लास और लोकसंस्कृति के रंग में रंगी थी। श्रद्धालु, ढोलक, करताल और मंजीरे की धुन पर थिरकते हुए मंगलाचरण के साथ बस में सवार हुए। रास्ते भर भजन, आरती, हनुमान चालीसा और लोक गीतों से वातावरण भक्तिमय बना रहा। अयोध्या पहुंचकर श्रद्धालुओं ने सबसे पहले सरयू में पुण्यस्नान कर आत्मशुद्धि का अनुभव किया। इसके बाद हनुमानगढ़ी में बजरंग बली के दर्शन कर मनोकामना मांगी, और फिर प्रभु श्रीराम के भव्य एवं दिव्य मंदिर के दर्शन कर अभिभूत हो उठे।

रामलला के दर्शन के समय कई बुजुर्ग श्रद्धालुओं की आँखों में अश्रु थे, यह केवल भावनाओं की लहर नहीं, बल्कि वर्षों की तपस्या के साक्षात दर्शन थे। मंदिर की आभा, दीपों की रेखा, शंखनाद और सुवासित पुष्पों की सजावट ने उन्हें अलौकिक अनुभूति से भर दिया।

पूरी यात्रा के दौरान विधायक की टीम के वालंटियर पूरी तत्परता के साथ श्रद्धालुओं की सेवा में उपस्थित रहे। घर से ले जाने और वापस छोड़ने तक, रास्ते में भोजन, जलपान, प्रसाद वितरण, मेडिकल सहायता, लोकल कनवेंस और दर्शन व्यवस्था, सब कुछ सुव्यवस्थित और सम्मानपूर्वक सम्पन्न कराया गया।

यात्रा के दौरान एक वृद्ध श्रद्धालु ने भावुक होकर कहा: “जन्म लिया था, अब दर्शन भी हो गए, इस जीवन में और क्या चाहिए!” वहीं एक महिला श्रद्धालु ने कहा: “अयोध्या जाना एक सपना था, लेकिन अपने विधायक जी की वजह से ये सपना इतना सुंदर और आत्मिक हो जाएगा, ये सोचा न था।” विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह द्वारा संचालित यह सेवा केवल एक बस यात्रा नहीं, बल्कि जनप्रतिनिधित्व के उस रूप की मिसाल है, जिसमें संवेदना, संस्कृति और संकल्प एक साथ चलते हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *