हार्ट अटैक आने से पहले शरीर के इन हिस्सों में होता है दर्द, कहीं आप तो नहीं कर रहे इग्नोर

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ब्राम्ह अनुभूति अखबार यूपी लाइव न्यूज 24 उत्तर प्रदेश

विशेष संवाददाता नई दिल्ली

हार्ट अटैक से पहले शरीर किन हिस्सों में दर्द होता है. साथ ही ये भी जानिए इसके शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज करना कैसे बन सकता है बड़ी गलती?
हम अक्सर सोचते हैं कि हार्ट अटैक अचानक आता है. बिना किसी चेतावनी के, लेकिन सच्चाई यह है कि हमारा शरीर पहले ही कई संकेत देने लगता है. समस्या यह है कि हम उन संकेतों को या तो मामूली समझकर नजरअंदाज कर देते हैं या फिर उन्हें किसी और बीमारी से जोड़ देते हैं.जैसे सिरदर्द को थकान मान लेना, पीठ दर्द को बैठने की खराब आदत, या सीने में भारीपन को गैस समझ लेना, ये छोटी-छोटी गलतियां किसी बड़ी अनहोनी का कारण बन सकती हैं. हार्ट अटैक से पहले शरीर कुछ हिस्सों में दर्द के जरिए आपको चेतावनी देता है. लेकिन आप उसे समझ नहीं पाते.

हार्ट अटैक का सबसे सामान्य और प्रमुख संकेत होता है सीने में दबाव, जलन या कसाव महसूस होना. यह दर्द बाएं तरफ या बीचों बीच हो सकता है और कई बार इसे लोग गैस या अपच समझकर इग्नोर कर देते हैं.

अगर आपके बाएं हाथ में बिना किसी वजह के दर्द या झनझनाहट हो रही है, तो यह हार्ट से जुड़ा इशारा हो सकता है. यह दर्द सीने से शुरू होकर बाएं कंधे, हाथ और यहां तक कि उंगलियों तक जा सकता है.

इन हिस्सों में होने वाला रह-रहकर दर्द, खासकर जब वह किसी विशेष शारीरिक गतिविधि से जुड़ा न हो, तो यह हृदय संबंधी परेशानी का संकेत हो सकता है.

कई बार हार्ट अटैक से पहले पेट में भारीपन, अपच या गैस जैसा महसूस होता है. लोग इसे सामान्य गैस की समस्या मान लेते हैं, लेकिन यह हृदय की चेतावनी भी हो सकती है.

अगर बिना ज्यादा मेहनत के सांस फूलती है या आप हर समय थकावट महसूस करते हैं तो यह संकेत हो सकता है कि, आपका दिल ठीक से काम नहीं कर रहा.

इन संकेतों को कभी न करें नजरअंदाज

अगर यह लक्षण लगातार बने हुए हैं या बार-बार लौटकर आ रहे हैं, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें.

परिवार में हृदय रोग का इतिहास हो, तो सतर्कता और ज्यादा जरूरी हो जाती है.

40 की उम्र के बाद नियमित हेल्थ चेकअप करवाना जरूरी है.

हार्ट अटैक कोई अचानक आने वाली आपदा नहीं है, बल्कि शरीर पहले से इसके संकेत देता है. जरूरी है कि हम उन संकेतों को पहचानें, समय पर समझें और सही कदम उठाएं. क्योंकि थोड़ी सी सतर्कता आपकी और आपके अपनों की जिंदगी बचा सकती है. शरीर की बातों को अनसुना न करें, ये ही आपकी सबसे बड़ी चेतावनी है।

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