स्वीकृति से सेवा तक: पीएम आवास योजना में तकनीकी नवाचार का प्रस्ताव

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ब्राम्ह अनुभूति अखबार यूपी लाइव न्यूज 24 उत्तर प्रदेश

संस्थापक संपादक प्रवीण सैनी

लखनऊ उत्तर प्रदेश में शासन की पारदर्शिता, जवाबदेही और दक्षता को नई ऊंचाई देने की दिशा में सरोजनीनगर विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी को एक विस्तृत प्रस्ताव सौंपा है। इसमें उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) सहित अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं में ब्लॉकचेन तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के उपयोग का सुझाव दिया है।

यह प्रस्ताव सुशासन के प्रति डबल इंजन सरकार की प्रतिबद्धता और डिजिटल इंडिया व विकसित भारत@2047 के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के विजन से प्रेरित है। डॉ. सिंह ने कहा कि योगी सरकार के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ने प्रशासनिक कार्यक्षमता में ऐतिहासिक उपलब्धियाँ हासिल की हैं और अब यह तकनीकी उन्नयन की ओर बढ़ने का समय है।

*प्रमुख समस्याएं जिन्हें तकनीक से सुलझाया जा सकता है:*
* धनराशि वितरण में देरी
* लाभार्थी डेटा में दोहराव या त्रुटियां
* प्रगति की निगरानी में पारदर्शिता की कमी
* शिकायत निवारण प्रणाली की कमजोरी
* फील्ड स्तर पर हेराफेरी और लीकेज

*प्रस्तावित तकनीकी समाधान:*
* ब्लॉकचेन पर स्वीकृति आदेश ताकि पोस्ट-संक्शन हेराफेरी न हो
* AI द्वारा जियो-टैग्ड निगरानी ताकि निर्माण की वास्तविक प्रगति पर ही अगली किस्त जारी हो
* स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट्स से DBT भुगतान में स्वतः प्रक्रिया
* AI डैशबोर्ड से जनता और अधिकारियों के लिए रीयल-टाइम निगरानी
* शिकायत निवारण व अनियमितता पहचान हेतु AI और विकेंद्रीकृत पोर्टल
* यूनिफाइड ब्लॉकचेन ID से सभी योजनाओं में लाभार्थी डेटा का एकीकरण

*तीन चरणों की क्रियान्वयन रणनीति:*
* पायलट (1–2 जिले): ब्लॉकचेन पर PMAY डेटा, बेसिक AI डैशबोर्ड
* जिला विस्तार: MIS इंटीग्रेशन, स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट्स, चैटबॉट शिकायत प्रणाल राज्यव्यापी विस्तार: एकीकृत लाभार्थी पहचान, AI आधारित योजना नियोजन व ऑडिट

उत्तर प्रदेश बन सकता है राष्ट्रीय अग्रदूत:
डॉ. सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश तकनीकी रूप से सशक्त शासन प्रणाली लागू कर देश में पारदर्शिता और सेवा वितरण का नया मानक स्थापित कर सकता है। इससे जनता का विश्वास बढ़ेगा, भ्रष्टाचार घटेगा और योजनाएं सटीकता से लागू होंगी।
मुख्यमंत्री से आग्रह:* डॉ. सिंह ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि इस मॉडल को ग्रामीण विकास, शहरी आवास व आईटी विभागों के साथ समन्वय में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लागू किया जाए। उन्होंने कहा: *”यह पहल न केवल हमारी योजनाओं को मजबूत बनाएगी बल्कि उत्तर प्रदेश की नागरिक-प्रथम, तकनीकी प्रशासनिक दृष्टि को एक स्थायी पहचान देगी। डॉ. राजेश्वर सिंह

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