ब्राम्ह अनुभूति अखबार यूपी लाइव न्यूज 24 उत्तर प्रदेश
संस्थापक संपादक प्रवीण सैनी
लखनऊ: भारत सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय द्वारा संचालित “नमस्ते योजना” के अंतर्गत बुधवार को लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में “नमस्ते दिवस” का भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर समाज के सबसे महत्वपूर्ण सफाईकर्मियों को सम्मानित किया गया और उन्हें सुरक्षा किट, पीपीई किट, हेल्थ कार्ड आदि प्रदान किए गए।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि केंद्रीय राज्य मंत्री (सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता) माननीय श्री बी.एल. वर्मा जी रहे, जिन्होंने कार्यक्रम का उद्घाटन किया और कहा कि, “नमस्ते योजना का उद्देश्य सीवर एवं सेप्टिक टैंक कर्मचारियों की सुरक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक समावेशन सुनिश्चित करना है। यह आयोजन हमारे उन साथियों को धन्यवाद कहने का माध्यम है, जो शहर को स्वच्छ और सुरक्षित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।”
इस आयोजन में लखनऊ नगर निगम के अधीनस्थ विभिन्न विभागों के अधिकारी, कर्मचारियों के साथ ही बड़ी संख्या में सफाईकर्मी उपस्थित रहे। नमस्ते पोर्टल पर पंजीकृत 700 कर्मचारियों में से चयनित 350 कर्मचारियों ने इस कार्यक्रम में प्रतिभाग किया।
*कार्यक्रम के अंतर्गत कई उल्लेखनीय गतिविधियाँ आयोजित की गईं:*
– AR/VR प्रशिक्षण मॉड्यूल का शुभारंभ किया गया जिससे कर्मचारियों को आधुनिक तकनीक के माध्यम से सुरक्षा प्रशिक्षण मिलेगा।
– हेल्पलाइन नंबर 14473 का शुभारंभ किया गया जो कचरा बीनने वालों और सफाईकर्मियों की समस्याओं के समाधान के लिए समर्पित है।
– पीपीई किट, सुरक्षा उपकरण, पीएम-जेएवाई आयुष्मान कार्ड और ERSU किट का वितरण किया गया।
– नमस्ते योजना पर आधारित फैशन शो ने सामाजिक समावेशन और गरिमा को रेखांकित किया।
– NSKFDC द्वारा ऋण योजना स्टॉल लगाया गया जिससे लाभार्थी जानकारी प्राप्त कर सकें।
कार्यक्रम में जलकल विभाग के महाप्रबंधक श्री कुलदीप सिंह को भी विशेष रूप से आमंत्रित किया गया और माननीय मंत्री द्वारा उन्हें सुरक्षा किट प्रदान कर सम्मानित किया गया, जिससे यह संदेश गया कि स्वच्छता और जल प्रबंधन, दोनों ही नागरिक जीवन के लिए आवश्यक और पूरक हैं।
इस आयोजन में अपर निदेशक स्थानीय निकाय निदेशालय डॉ. असलम अंसारी, नगर निगम लखनऊ के वरिष्ठ अधिकारी, परियोजना प्रबंधक और राज्य समन्वयक उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन सुव्यवस्थित ढंग से किया गया और यह ‘नमस्ते योजना’ की भावना को धरातल पर लाने वाला एक अनुकरणीय प्रयास सिद्ध हुआ।