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संस्थापक संपादक प्रवीण सैनी
– महिलाएं एम-पॉस मशीन से करेंगी डिजिटल टैक्स कलेक्शन, जलकल विभाग की राजस्व प्रणाली को मिलेगा नया आयाम
लखनऊ: नगर निगम लखनऊ के जलकल विभाग ने टैक्स वसूली के क्षेत्र में एक नया और अभिनव कदम उठाया है। अब डूडा (DUDA) के स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को जलकल कर की घर-घर वसूली के लिए जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके तहत नगर निगम के सभी आठ जोनों में दो-दो वार्ड चिन्हित किए गए हैं और प्रत्येक वार्ड में दो महिलाएं तैनात की जा रही हैं। ये महिलाएं नागरिकों से एम-पॉस (mPOS) मशीन के माध्यम से टैक्स वसूलेंगी, जिससे वसूली की प्रक्रिया पारदर्शी, आसान और डिजिटल हो जाएगी।
इस महत्वपूर्ण व्यवस्था की रूपरेखा तैयार करने हेतु शुक्रवार को जलकल विभाग के महाप्रबंधक (GM) श्री कुलदीप सिंह की अध्यक्षता में एक बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में डूडा समूह की चयनित महिलाओं को प्रशिक्षित किया गया और उनके दायित्वों की जानकारी दी गई। अधिकारियों ने महिलाओं को एम-पॉस मशीन के संचालन और राजस्व से संबंधित नियमों की भी जानकारी दी।
*प्रमुख जोनवार वार्डों का विवरण इस प्रकार है:*
जोन-1: बाबू बनारसी दास वार्ड, लाल कुआं वार्ड
जोन-2: लेबर कॉलोनी वार्ड, राजेन्द्र नगर वार्ड
जोन-3: अर्जुनगंज वार्ड, महानगर वार्ड
जोन-4: विकासनगर पूर्वी वार्ड, राजीव गांधी-हितियागंज वार्ड
जोन-5: गोमतीनगर विस्तार वार्ड, गुरु गोविन्द सिंह वार्ड
जोन-6: बाबू कुंवर बिहारी अग्रवाल वार्ड, करमीन मोहल्ला वार्ड
जोन-7: करमीन मोहल्ला-द्वितीय वार्ड, लाल बहादुर शास्त्री प्रथम वार्ड
जोन-8: लाल बहादुर शास्त्री द्वितीय वार्ड, शारदानगर प्रथम वार्ड
*घरों पर जाकर टैक्स वसूली करेंगी महिलाएं:*
हर वार्ड में दो महिलाओं को तैनात किया गया है, यानी कुल 32 महिलाएं घर-घर जाकर नागरिकों से जलकल कर की वसूली करेंगी। ये महिलाएं नागरिकों को डिजिटल रसीद उपलब्ध कराएंगी और ऑनलाइन अपडेटेड रिकॉर्ड भी तैयार करेंगी। इससे न केवल लोगों को कर भुगतान में सुविधा मिलेगी, बल्कि बकाया वसूली में भी तेजी आएगी।
*महिलाओं को मिलेगा आर्थिक सशक्तिकरण का अवसर:*
जलकल विभाग का यह प्रयास केवल कर संग्रह तक सीमित नहीं है, बल्कि यह महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी बड़ा कदम है। डूडा की स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को यह अवसर देकर नगर निगम ने उन्हें सामाजिक और आर्थिक रूप से सशक्त करने की दिशा में मजबूत पहल की है।
*प्रेरक पहल, भविष्य के लिए आदर्श मॉडल:*
प्रभारी अधिशासी अभियंता जलकल विभाग श्री सचिन कुमार यादव ने बताया कि परियोजना अधिकारी, डूडा लखनऊ को इस बाबत पत्र प्रेषित किया गया था, जिसमें यह अनुरोध किया गया था कि संबंधित वार्डों में कार्यरत स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को तत्काल उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाए।
जीएम जलकल श्री कुलदीप सिंह ने बताया कि यह प्रयोगात्मक व्यवस्था भविष्य में एक स्थायी मॉडल के रूप में भी सामने आ सकती है, यदि इसके परिणाम सकारात्मक और प्रभावी रहे। विभाग ने संबंधित जोनल अधिकारियों को भी निर्देशित किया है कि वे इन महिलाओं को हरसंभव सहयोग और सुरक्षा प्रदान करें।
नगर निगम लखनऊ की यह पहल न केवल राजस्व वृद्धि की दिशा में सहायक होगी, बल्कि यह “डिजिटल, पारदर्शी और जनसहभागिता आधारित शासन” की मिसाल भी बनेगी। इससे नागरिकों को बेहतर सेवा और महिलाओं को गरिमा पूर्ण आजीविका का अवसर मिलेगा।