ब्राम्ह अनुभूति अखबार यूपी लाइव न्यूज 24 उत्तर प्रदेश
संपादक प्रवीण सैनी
उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले के भूनी टोल प्लाजा पर रविवार रात एक शर्मनाक घटना घटी, जब सेना के जवान कपिल सिंह के साथ टोल कर्मचारियों ने बेरहमी से मारपीट की। कपिल, जो जम्मू-कश्मीर में तैनात हैं, छुट्टी के बाद ड्यूटी पर लौट रहे थे। उन्होंने टोल कर्मचारियों से जल्दी निकलने की अनुमति मांगी, क्योंकि उन्हें दिल्ली से श्रीनगर की फ्लाइट पकड़नी थी। इस पर कर्मचारियों ने न केवल उनका रास्ता रोका, बल्कि उन्हें खंभे से बांधकर लात-घूंसों और डंडों से पीटा। एक वीडियो में यह दृश्य कैद हुआ, जिसमें कपिल को खंभे से बांधकर बेरहमी से पीटा जा रहा है। इस घटना ने सोशल मीडिया पर व्यापक रोष उत्पन्न किया।
पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी बिट्टू सहित सात लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें सचिन, सुरेश, विजय, और अन्य शामिल हैं। मुख्य आरोपी बिट्टू का आपराधिक इतिहास भी सामने आया है। पुलिस ने बताया कि कपिल के साथ मारपीट के दौरान उसके हाथों और पैरों की नसें फटीं और जांघ की हड्डी टूट गई। कपिल के पिता ने स्पष्ट किया कि विवाद टोल टैक्स को लेकर नहीं था, बल्कि कर्मचारियों के साथ किसी अन्य बात को लेकर था।
घटना के बाद, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने टोल एजेंसी पर ₹20 लाख का जुर्माना लगाया और उसके संचालन लाइसेंस को रद्द करने की प्रक्रिया शुरू की है। भारतीय सेना ने इस हमले की कड़ी निंदा की है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
इस घटना ने न केवल कानून-व्यवस्था की स्थिति पर सवाल उठाए हैं, बल्कि यह भी दर्शाया है कि सेना के जवानों के प्रति सम्मान और सुरक्षा की आवश्यकता कितनी महत्वपूर्ण है।