यूपी लाइव न्यूज 24 लखनऊ रायबरेली
सह संपादक कपिल गुप्ता रायबरेली
रायबरेली सब्जियों के भाव आसमान छूने से आम आदमी की थाली से सब्जियां दूर होती जा रहीं हैं। आलू से लेकर प्याज व अन्य सब्जियों के दाम दिन दूने रात चौगुने बढ़ते जा रहे हैं।सब्जियों की महंगाई के मार से सबसे ज्यादा मध्यम वर्ग के लोग परेशान हैं।०५से१०रुपए किलो बिकने वाली तोरई इस वर्ष ३०से ४०रुपए किलो तक पहुंच गई है।यही हाल ज्यादा बिकने वाली लौकी और कद्दू का भी है यह भी ३०से ४०रुपए किलो बिक रहा है।लोगों को कम पसंद आने वाले बैंगन भी रफ्तार पकड़े हुए है और यह ४०रुपए किलो बिक रहा है इसके अलावा हर सब्जी में पड़ने वाला आलू ३० से ३५रुपए किलो और टमाटर ८०से १०० रुपए प्रति किलो पहुंच गया है।करैला भी अपनी कीमत की रफ्तार बढ़ाए हुए ६०रुपए प्रति किलो जा पहुंचा है,इसके अलावा परवल व शिमला मिर्च१००रूपए किलो बिक रही है।कम खाई जानें वाली घोईया की कीमत भी ६०रूपए प्रति किलो हो गई है आम व्यक्ति की पसंद भिंडी की कीमत भी५०रूपये किलो पहुंच जानें और ६०रूपये किलो लोबिया के बिकने से लोगों की जेबें ढीली हो रहीं हैं।१०रूपये किलो बिकने वाली चौराई भी अपने दोगुने दाम ४०रुपए पर पहुंच गया है।गर्मी में ज्यादा प्रयोग होने वाले और लोगों से दूर हो गए हैं।और१०० से१२०रूपये किलो बिक रहे हैं।यही हाल सब्जी में सब्जी में पकड़कर खुशबू बिखेरने वाली हरी धनिया का है वह भी१००रूपये तक बिक रही है,जो हरी धनिया खरीददारी के बाद दुकानदार बिना कीमत के सब्जी में डाल देते थे अब वह हरी धनिया१० रूपये में एक या दो डाल मिलती है। सब्जियों के ऊंचे भाव के चलते आम आदमी जो एक किलो सब्जी खरीदता था वह १००से २००ग्राम खरीदने को मजबूर हो गए हैं और किसी तरह अपना काम चला रहे हैं,बहरहाल सब्जियों के भाव पर सरकार ने अंकुश न लगाया तो यह मध्यवर्गीय लोगों में सरकार के लिए नाराजगी का कारण बन सकता है।