अवैध कब्जों पर चला नगर निगम का बुलडोजर, कनौसी में 47 करोड़ की कीमती 7 बीघा सरकारी जमीन कराई मुक्त

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ब्राम्ह अनुभूति अखबार यूपी लाइव न्यूज 24 उत्तर प्रदेश

संपादक प्रवीण सैनी लखनऊ

लखनऊ: नगर आयुक्त श्री गौरव कुमार के निर्देशन में नगर निगम लखनऊ द्वारा सरकारी भूमि को अतिक्रमणमुक्त कराए जाने के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत शुक्रवार को एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया गया। यह कार्रवाई ग्राम कनौसी, तहसील सदर एवं जनपद लखनऊ में माननीय उच्च न्यायालय इलाहाबाद, खंडपीठ लखनऊ में योजित रिट संख्या–सी–8352/2025 में पारित आदेश के अनुपालन में की गई।

नगर आयुक्त के निर्देशों के क्रम में अपर नगर आयुक्त श्री पंकज श्रीवास्तव द्वारा गठित टीम ने तहसील सदर प्रशासन के साथ संयुक्त रूप से मौके पर पहुँचकर सरकारी भूमि से अवैध कब्जा हटाने की कार्रवाई की। यह कार्रवाई नगर निगम लखनऊ एवं तहसील सदर के संयुक्त प्रयास से शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराई गई।

अभियान के दौरान प्रभारी अधिकारी (सम्पत्ति) श्री रामेश्वर प्रसाद एवं तहसीलदार नगर निगम लखनऊ श्री अरविन्द पाण्डेय की उपस्थिति में नायब तहसीलदार श्री रत्नेश कुमार तथा श्री राजेन्द्र कुमार के नेतृत्व में कार्रवाई की गई। टीम में नगर निगम के राजस्व निरीक्षक श्री प्रदीप गिरी, लेखपाल श्री विनय पाल, श्री अजीत तिवारी, श्री अरविन्द कुमार गौतम सहित अन्य राजस्व कर्मी शामिल रहे। सुरक्षा व्यवस्था के दृष्टिगत थाना कृष्णा नगर के थानाध्यक्ष द्वारा उपलब्ध कराई गई पुलिस एवं पीएसी बल का भी सहयोग लिया गया।

अधिकारियों के अनुसार ग्राम कनौसी स्थित खसरा संख्या–1990 की कुल 07 बीघा (लगभग 1.120 हेक्टेयर) सरकारी भूमि पर कतिपय व्यक्तियों द्वारा अस्थायी रूप से अवैध कब्जा किया गया था। न्यायालय के आदेश के क्रम में उक्त भूमि को जेसीबी मशीन की सहायता से अतिक्रमणमुक्त कराया गया। कार्रवाई के दौरान किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति उत्पन्न नहीं हुई और संपूर्ण प्रक्रिया शांतिपूर्ण ढंग से पूरी की गई।

इस मौके पर तहसील सदर के राजस्व निरीक्षक श्री अशोक सिंह, लेखपाल श्री संतोष सिंह, श्री राजाराम मिश्रा एवं श्री प्रिन्स राजी भी उपस्थित रहे और उन्होंने अभिलेखों के आधार पर भूमि की पहचान सुनिश्चित कराई। अधिकारियों ने बताया कि अतिक्रमण हटाए जाने के पश्चात सरकारी भूमि को सुरक्षित कर लिया गया है तथा आगे किसी भी प्रकार के अवैध कब्जे की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए आवश्यक निर्देश संबंधित विभागों को दिए गए हैं।

प्रशासन के अनुसार अतिक्रमणमुक्त कराई गई भूमि की वर्तमान बाजार कीमत लगभग 47 करोड़ 65 लाख 70 हजार रुपये आंकी गई है। नगर निगम अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सरकारी भूमि की सुरक्षा नगर निगम की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है और भविष्य में भी न्यायालय के आदेशों के अनुपालन में ऐसे अभियान निरंतर जारी रहेंगे।

नगर आयुक्त श्री गौरव कुमार ने कहा कि सरकारी संपत्तियों पर अवैध कब्जे किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं हैं। नगर निगम एवं जिला प्रशासन के संयुक्त प्रयास से शहर की सरकारी भूमि को सुरक्षित रखने और जनहित में उसका उपयोग सुनिश्चित करने के लिए सख्त कार्रवाई आगे भी की जाती रहेगी।

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