यूपी लाइव न्यूज 24 लखनऊ
सह संपादक कपिल गुप्ता रायबरेली
स्वास्थ्य मंत्री व उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम बृजेश पाठक के द्वारा स्वास्थ्य महकने को सुधारने के लिए लाख प्रयास किया जा रहे हैं डिप्टी सीएम बृजेश पाठक के द्वारा लगातार सीएससी व अस्पतालों का निरीक्षण किया जा रहा है वहीं स्वास्थ्य विभाग से जुड़े डॉक्टर व आधिकारियों को जीरो टॉलरेंस नीति के तहत व समय से ड्यूटी के लिए निर्देशित भी किया जा रहा है लेकिन अगर रायबरेली की बात की जाए तो आदेशों और निर्देशों का असर होता नहीं दिखाई दे रहा है ताजा मामला रायबरेली के जिला महिला अस्पताल का है जहां पर मरीजों की जेबों पर डाका डाला जा रहा है जबकि अस्पताल में सभी व्यवस्थाएं निशुल्क देने की व्यवस्था की गई है और किसी भी तरह से धन उगाही पर लगाम लगाने के लिए आदेशित भी किया जाता है लेकिन खाऊ कमाऊ नीति के आगे सब जायज है ऐसा ही एक मामला महिला जिला अस्पताल में उसे समय देखने को मिला जब जिला अस्पताल में तैनात वार्ड बॉय के द्वारा डिलीवरी होने के पश्चात मरीज के तिमंदार से ₹5000 की मांग की गई पैसा ना देने पर वार्ड बॉय रवि के द्वारा गले में पड़ी सोने की चेन जबरन छीन ली गई जिसकी शिकायत मैंने डायल 112 पर किया डायल 112 मौके पर पहुंची तो पूरी घटना बताई प्रार्थी के साथ मारपीट की गई की गई वहीं पूरे मामले पर जब महिला सीएमएस से बात की गई तो उन्होंने पूरे मामले को निराधार बताते हुए किसी भी तरह की कोई भी कार्यवाही नहीं की आप इससे अंदाजा लगा सकते हैं कि अस्पतालों में किस तरह से गरीब मरीज़ों के साथ इस तरह का व्यवहार हो रहा है जिस पर ना तो स्वास्थ्य विभाग का कोई भी अधिकारी कार्यवाही करने को तैयार है और ना ही स्वास्थ्य विभाग की कमान संभाल रहे मुख्य चिकित्सा अधिकारी के द्वारा कोई कार्रवाई की जाती है