यूपी लाइव न्यूज 24 उत्तर प्रदेश
क्राइम रिपोर्टर अरुण प्रताप सिंह
बदनामी और झूठे मुकदमों की धमकी देकर होती थी वसूली-
भीलवाड़ा जिले में हनी ट्रैप के जरिए आम नागरिकों को फंसाकर ब्लैकमेल करने वाले संगठित गिरोह का पर्दाफाश हुआ है।
पुलिस जांच में सामने आया है कि कुछ महिलाएं योजनाबद्ध तरीके से लोगों से नजदीकी बढ़ाकर उन्हें आपराधिक जाल में फंसाती थीं और फिर झूठे दुष्कर्म, अपहरण व मारपीट के मुकदमों की धमकी देकर मोटी रकम वसूलती थीं।
जांच के दौरान यह भी स्पष्ट हुआ कि यह पूरा नेटवर्क तय रणनीति पर काम करता था—पहले दोस्ती, फिर आपत्तिजनक स्थिति और उसके बाद डर का माहौल बनाकर वसूली।
कई मामलों में आरोपी महिलाएं अकेली नहीं थीं, बल्कि उनके पति, प्रेमी और सहयोगी पुरुष भी सक्रिय भूमिका निभाते थे।
इसी क्रम में जिला पुलिस अधीक्षक धर्मेन्द्र सिंह ने आमजन से अपील की है कि ऐसे किसी भी मामले में भयभीत न हों।
पुलिस के अनुसार पीड़ित की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी और महिला हो या पुरुष, किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा।
ये हैं हनी ट्रैप मामलों में चिन्हित आरोपी महिलाएं –
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार जिले के विभिन्न थानों में दर्ज मामलों में निम्न महिलाएं आरोपी हैं—
मनीषा पत्नी विष्णु शर्मा, पुत्री जीवन शर्मा (36 वर्ष)
निवासी पटेल नगर, प्रतापनगर, भीलवाड़ा
अन्नू पत्नी हरिराम उर्फ राजू गुर्जर (35 वर्ष)
निवासी पंचवटी, थाना कोतवाली, भीलवाड़ा
उर्वशी उर्फ उषा, पुत्री जगदीश कसारा (32 वर्ष)
निवासी शिवम वाटिका के पीछे, आदर्श नगर, भीलवाड़ा
मैना उर्फ मीना, पत्नी नारायण राव (32 वर्ष)
निवासी नाहरी-जोगरास, थाना रायपुर
हाल निवासी विनायक सिटी, थाना सदर, भीलवाड़ा
आशा पत्नी राजू जाट (28 वर्ष)
निवासी शिवरती, थाना गंगापुर, भीलवाड़ा
मनिषा डेविड उर्फ जोयाखान उर्फ सिमरन, पत्नी नितिन डेविड / पत्नी ईदरीश खान (32 वर्ष)
निवासी सांगानेरी गेट, रायला, भीलवाड़ा
अनामिका उर्फ निहारिका शर्मा, पुत्री लक्ष्मण शर्मा (24 वर्ष) निवासी कुबेर कॉलोनी, गुलाबपुरा
हाल किरायेदार सुखाड़िया सर्किल के पास, थाना सुभाषनगर, भीलवाड़ा
सीमा उर्फ सोनिया, पुत्री नंदलाल / पत्नी प्रकाश गुर्जर (23 वर्ष)
निवासी मान्दलदा, थाना चंदेरिया, जिला चित्तौड़गढ़
निर्मला, पुत्री चावंड सिंह चुण्डावत (22 वर्ष)
निवासी नांदसा, थाना गंगापुर हाल श्रीजी कॉलोनी,थाना पुर, भीलवाड़ा,बसंती देवी, पत्नी शंकरलाल भील (26 वर्ष)निवासी भीलों का खेड़ा, पहुना थाना राशमी, जिला चित्तौड़गढ़
कई आरोपी पहले से चालानशुदा, कुछ प्रकरण जांचाधीन
पुलिस के अनुसार इन मामलों में ब्लैकमेलिंग, अवैध बंधक बनाना, अपहरण, मारपीट, लूट और आपराधिक षड्यंत्र जैसी गंभीर धाराएं दर्ज हैं।
कुछ आरोपी महिलाएं पहले भी हनी ट्रैप मामलों में जेल जा चुकी हैं, जबकि कुछ के खिलाफ अन्य प्रकरण अभी अनुसंधान में हैं।
डर की वजह से चुप रहे पीड़ित:-
जांच में सामने आया है कि अधिकांश पीड़ित सामाजिक बदनामी के भय से लंबे समय तक सामने नहीं आए, जिसका फायदा उठाकर आरोपी बार-बार रकम वसूलते रहे। पुलिस का कहना है कि अब ऐसे मामलों में चुप्पी तोड़ना जरूरी है।