मोबाइल बाजार में नकली सामान का संगठित खेल, ओरिजिनल के दाम में थमाया जा रहा फर्जी माल

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यूपी लाइव न्यूज 24 उत्तर प्रदेश

सह संपादक कपिल गुप्ता

सहारनपुर शहर में मोबाइल उपयोग करने वाले उपभोक्ताओं के लिए यह खबर बेहद अहम और चौंकाने वाली है। सहारनपुर के मोबाइल बाजार में लंबे समय से चल रहा एक संगठित फर्जीवाड़ा अब खुलकर सामने आने लगा है, जिसमें कई मोबाइल व्यापारी ग्राहकों को नकली मोबाइल एक्सेसरीज़—खासतौर पर चार्जर, केबल और अन्य सामान—ओरिजिनल बताकर बेच रहे हैं और उनसे कंपनी के पूरे दाम वसूले जा रहे हैं।
सूत्रों और उपभोक्ताओं की शिकायतों के अनुसार, बाजार में लगभग हर नामी मोबाइल कंपनी के नकली चार्जर और एक्सेसरीज़ खुलेआम बिक रही हैं, जिनकी वास्तविक कीमत मात्र 200 रुपये के आसपास होती है, लेकिन ग्राहकों से उन्हें 1700 से 1800 रुपये तक में बेचा जा रहा है। जब ग्राहक दुकानदार से बिल की मांग करता है तो या तो बिल दिया ही नहीं जाता या फिर सामान पर ऊपर से तारीख डालकर उसे थमा दिया जाता है, जिससे ग्राहक भ्रम में बना रहता है।
ग्राहकों को भरोसे में लेने के लिए दुकानदार यह कहकर लालच देते हैं कि यदि चार्जर या अन्य सामान खराब हो जाए तो कंपनी के अधिकृत सर्विस सेंटर जाने की कोई जरूरत नहीं, सीधे दुकान पर लेकर आएं, नया सामान दिलवा दिया जाएगा। इसी झांसे में ग्राहक सर्विस सेंटर की बजाय दोबारा उसी दुकान पर पहुंचता है, जहां उसे फिर से एक और नकली चार्जर दे दिया जाता है। इस पूरी प्रक्रिया में ग्राहक को यह एहसास तक नहीं होता कि उसके साथ बार-बार ठगी हो रही है।
जानकारों का कहना है कि दुकानदार जानबूझकर ग्राहकों को कंपनी के सर्विस सेंटर नहीं भेजते, क्योंकि वहां पहुंचते ही यह सच्चाई सामने आ जाएगी कि दिया गया सामान नकली है। यही वजह है कि पूरा मामला दुकानों के भीतर ही निपटाने की कोशिश की जाती है। जब खराब चार्जर वापस आता है तो उसे नकली माल बनाने वाली कंपनियों या सप्लायरों को लौटा दिया जाता है, जहां से दुकानदार को दोबारा नया नकली सामान मिल जाता है। इस तरह दुकानदार कई गुना मुनाफा कमा लेते हैं और ग्राहक लगातार ठगा जाता है।
सूत्रों के अनुसार, बनर्जी मार्केट इस नकली मोबाइल एक्सेसरी कारोबार का मुख्य केंद्र बनता जा रहा है, जहां से बड़ी मात्रा में नकली चार्जर और अन्य सामान शहर के अलग-अलग इलाकों में सप्लाई किया जा रहा है। वहीं, कोर्ट रोड को लेकर भी गंभीर आरोप सामने आ रहे हैं, जहां सबसे ज्यादा इस तरह का फर्जीवाड़ा होने की बात कही जा रही है। हालांकि जानकारों का कहना है कि यह खेल केवल एक-दो इलाकों तक सीमित नहीं है, बल्कि शहर के लगभग सभी प्रमुख मोबाइल बाजारों में किसी न किसी रूप में चल रहा है, लेकिन अब तक इसे लेकर खुलकर बोलने वाला कोई सामने नहीं आया।
विशेषज्ञों का मानना है कि नकली चार्जर केवल आर्थिक ठगी नहीं हैं, बल्कि यह मोबाइल की सुरक्षा और उपभोक्ताओं की जान के लिए भी बड़ा खतरा हैं। नकली चार्जर से मोबाइल बैटरी खराब होने, फोन के अत्यधिक गर्म होने, शॉर्ट सर्किट और यहां तक कि आग लगने जैसी घटनाओं की आशंका बनी रहती है।
इस पूरे मामले को लेकर अब शहर के जागरूक नागरिकों और उपभोक्ता संगठनों में रोष बढ़ता जा रहा है। लोगों ने प्रशासन और संबंधित विभागों से मांग की है कि मोबाइल बाजारों में अचानक और सघन छापेमारी की जाए, बिल न देने वाले दुकानदारों पर सख्त कार्रवाई हो और नकली सामान बेचने वालों के लाइसेंस रद्द कर कानूनी कार्रवाई की जाए।
जनहित में यह अपील की जा रही है कि सहारनपुर की जनता मोबाइल या कोई भी एक्सेसरी खरीदते समय पक्का बिल जरूर लें, सर्विस के नाम पर दुकानदारों के झांसे में न आएं और किसी भी समस्या की स्थिति में सीधे कंपनी के अधिकृत सर्विस सेंटर से संपर्क करें। जब तक उपभोक्ता खुद सतर्क नहीं होंगे और प्रशासन सख्त कदम नहीं उठाएगा, तब तक इस तरह का फर्जी कारोबार यूं ही फलता-फूलता रहेगा।

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