यूपी लाइव न्यूज 24 उत्तर प्रदेश
ब्यूरो प्रमुख दुर्गेश अवस्थी
तेहरान: मिडिल ईस्ट में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव अब भी बढ़ा हुआ है. होर्मूज स्ट्रेट में जहां ईरान लाइव फायर ड्रिल कर रहा है तो फरवरी के मध्य में एक मिलिट्री एक्सरसाइज होने वाली है. इसी बीच ईरान की तरफ से एक नया और अहम संकेत सामने आया है. ईरान के शीर्ष सुरक्षा अधिकारी अली लारीजानी ने कहा है कि अमेरिका के साथ बातचीत के लिए एक ‘संरचित ढांचा’ बन रहा है और यह प्रक्रिया आगे बढ़ रही है. उनके इस बयान को सीधे तौर पर तनाव कम करने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है. हालांकि, ईरान ने यह भी साफ कर दिया है कि वह दबाव में आकर कोई सौदा नहीं करेगा. यानी एक तरफ बातचीत का दरवाजा खुला है, तो दूसरी तरफ सेना पूरी तरह अलर्ट पर है.
‘युद्ध का बनावटी माहौल बना रहा मीडिया’
ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव अली लारीजानी ने सोशल मीडिया पर कहा कि मीडिया में जिस तरह युद्ध का माहौल दिखाया जा रहा है, वह ‘बनावटी’ है. उनके मुताबिक, असल में पर्दे के पीछे बातचीत की कोशिशें आगे बढ़ रही है. लारीजानी का यह बयान ऐसे वक्त में आया है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप लगातार ईरान को चेतावनी दे रहे हैं और अमेरिकी नौसेना का बड़ा बेड़ा ईरान के पास तैनात है.
अमेरिका-ईरान तनाव में तुर्की और रूस की एंट्री
तनाव कम करने के लिए ईरान ने कूटनीतिक मोर्चे पर भी तेजी दिखाई है. ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची इस्तांबुल पहुंचे, जहां उन्होंने तुर्की के राष्ट्रपति तैयप एर्दोगन और विदेश मंत्री हकान फिदान से मुलाकात की. तुर्की इस पूरे विवाद में मध्यस्थ की भूमिका निभाने की कोशिश कर रहा है. वहीं, अली लारीजानी खुद अचानक मॉस्को पहुंचे और वहां रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से बंद कमरे में बातचीत की. हालांकि इस मीटिंग का ब्योरा सार्वजनिक नहीं किया गया, लेकिन क्रेमलिन ने इसकी पुष्टि की है. इससे साफ है कि ईरान इस संकट में रूस को एक अहम रणनीतिक सहारा मान रहा है.
ट्रंप की धमकी और अमेरिकी सैन्य दबाव
दूसरी तरफ अमेरिका का रुख अब भी सख्त बना हुआ है. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया. इसमें दिख रहा था कि कई गाड़ियां सड़कों पर हैं. ट्रंप का कहना था कि यह पुलिस की मौजूदगी है. उन्होंने बाद में रीपोस्ट करते हुए लिखा कि यह अभी-अभी हो रहा है. IRGC पूरी तरह परेशान है.
रूस और चीन भी युद्धाभ्यास करेंगे
अमेरिका को साफ संदेश देते हुए ईरान ने ऐलान किया है कि फरवरी के मध्य में वह चीन और रूस के साथ मिलकर उत्तरी हिंद महासागर में संयुक्त नौसैनिक अभ्यास करेगा. इस अभ्यास में ईरान की नियमित नौसेना और रिवोल्यूशनरी गार्ड्स दोनों शामिल होंगी. तनाव के बीच अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने चेतावनी दी है कि ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स स्ट्रेट ऑफ होर्मूज में लाइव-फायर नेवल एक्सरसाइज करने जा रही है. अमेरिका ने इसे ‘असुरक्षित और गैर-पेशेवर व्यवहार’ से बचने की सलाह दी है. होर्मूज वही रास्ता है जहां से दुनिया का करीब 20 फीसदी तेल गुजरता है. ईरान पहले ही कह चुका है कि इस इलाके पर उसका पूरा नियंत्रण है और जरूरत पड़ी तो वह इसका इस्तेमाल अपने जवाब में कर सकता है.