दिल्ली में राशन कार्ड के नियमों में बड़ा बदलाव,अब जिले की आबादी तय करेगी कोटा, 2.76 लाख राशन कार्ड पर लटकी तलवार

Spread the love

यूपी लाइव न्यूज 24 उत्तर प्रदेश

उप संपादक संजय मिश्रा

नई दिल्ली।सार्वजनिक वितरण प्रणाली को पारदर्शी बनाने और असली हकदारों तक लाभ पहुंचाने के लिए रेखा गुप्ता सरकार ने दिल्ली खाद्य सुरक्षा नियम को लागू कर दिया है। इस नए नियम के तहत अब दिल्ली में राशन कार्ड पहले आओ,पहले पाओ के आधार पर नहीं बनेंगे,बल्कि जिले की आबादी के अनुसार निर्धारित कोटे के तहत बनेंगे।रेखा सरकार ने अपात्र पाए गए 2.76 लाख राशन कार्ड धारकों को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया है,जिनके राशन कार्ड रद्द होने की पूरी संभावना है।

*2.76 लाख धारकों को नोटिस, 2.02 लाख राशन कार्ड पहले ही रद्द*

खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने बीते दिनों जांच के दौरान पाई गई गड़बड़ियों के बाद 2.76 लाख से अधिक राशन कार्ड धारकों को एसएमएस के जरिए कारण बताओ नोटिस भेजा है। विभाग का कहना है कि यदि इन कार्ड धारकों ने समय रहते संतोषजनक जवाब नहीं दिया,तो इनके नाम लाभार्थियों की सूची से काट दिए जाएंगे।गौरतलब है कि रेखा सरकार अब तक 2.02 लाख अपात्र राशन कार्डों को पहले ही रद्द कर चुकी है।दूसरी ओर रेखा सरकार 17 लाख से अधिक वैध राशन कार्ड धारकों को मुफ्त गैस सिलेंडर देने की भी तैयारी कर रही है, ताकि गरीबों पर रसोई का बोझ कम हो सके।बीते मंगलवार को कैबिनेट की बैठक में इस संबंध में लिए गए फैसले की जानकारी मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने साझा की थी।

*खत्म हुआ पहले आओ,पहले पाओ का दौर*

नए नियमों के अनुसार अब दिल्ली में राशन कार्ड बनवाने के लिए जिला स्तर पर कमिटी का गठन किया जाएगा।वर्तमान व्यवस्था में पहले आवेदन करने वाले को पात्रता पूरी करने पर कार्ड मिल जाता था,लेकिन अब नई जनगणना होने तक जिले की जनसंख्या के आधार पर कोटा तय होगा।इस कोटे के भीतर ही नए कार्ड जारी किए जाएंगे।डीएम की अध्यक्षता वाली कमिटी आवेदनों की गहन जांच करेगी और यह सुनिश्चित करेगी कि जिसे सबसे ज्यादा जरूरत है,उसे ही राशन मिले।वर्तमान में दिल्ली में लगभग 8.27 लाख लाभार्थियों के लिए जगह (वैकेंसी) खाली है।

*आय सीमा बढ़ी,अपात्रों के लिए कड़े नियम*

खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने बताया कि पुराने नियमों की खामियों के कारण कई असली जरूरतमंद परिवार लाभ से वंचित रह जाते थे।इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार ने वार्षिक आय सीमा को 1 लाख रुपये से बढ़ाकर 1.20 लाख रुपये कर दिया है। सिरसा ने बताया कि अपात्रों को बाहर रखने के लिए कड़े मानक तय किए गए हैं।आयकर दाता और सरकारी कर्मचारी,चार पहिया वाहन रखने वाले परिवार, अधिक बिजली खपत करने वाले उपभोक्ता और निर्धारित क्षेत्रों में निजी संपत्ति रखने वाले परिवार अब योजना का हिस्सा नहीं बन पाएंगे।

*शिकायत निवारण के लिए त्रि-स्तरीय व्यवस्था*

मनजिंदर सिंह सिरसा ने बताया कि भ्रष्टाचार और देरी को समाप्त करने के लिए सरकार ने तीन स्तरों पर शिकायत निवारण कमिटी का गठन किया है।पहला राशन दुकान स्तर,दूसरा जिला स्तर और तीसरा राज्य स्तर पर।इसके अतिरिक्त सतर्कता के लिए चार स्तरों पर निगरानी रखी जाएगी।राशन की दुकानों पर फूड सप्लाई ऑफिसर की अध्यक्षता में विशेष कमेटियां काम करेंगी।सिरसा ने भरोसा दिलाया कि अब कोई भी शिकायत लंबित नहीं रहेगी और हर गड़बड़ी की जवाबदेही तय की जाएगी।हमारा लक्ष्य राशन माफिया को खत्म करना और यह सुनिश्चित करना है कि दिल्ली के हर गरीब के घर तक उसका हक पहुंचे। नए नियम और डिजिटल जांच से पारदर्शिता आएगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *