यूपी लाइव न्यूज 24 उत्तर प्रदेश
सह संपादक कपिल गुप्ता
भोपाल। कुटुंब न्यायालय भोपाल में पारिवारिक रिश्तों में समझौते का एक अजीब मामला आया है। यहां पत्नी ने एक डुप्लेक्स और 27 लाख रुपये नकदी लेकर अपने पति को उसकी प्रेमिका के साथ रहने की इजाजत दे दी है। लंबी काउंसलिंग के बाद तीनों पक्षों का यह समझौता करीब डेढ़ करोड़ रुपये का पड़ा है। दरअसल, एक सरकारी विभाग में कार्यरत 42 वर्षीय शादीशुदा व्यक्ति को अपने ही कार्यालय में कार्यरत 10 साल बड़ी महिला अधिकारी से प्रेम हो गया।
*बड़ी बेटी की शिकायत पर शुरू हुई काउंसलिंग-:*
समय के साथ दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ती गईं, जिससे पति अपने परिवार से दूरी बनाने लगा। इसकी वजह से परिवार में लगातार विवाद होने लगे। घर में रोजाना होने वाले झगड़ों का असर बच्चों पर भी पड़ने लगा। दंपती की 16 वर्ष और 12 वर्ष की बेटियां हैं। माता-पिता के बीच रोज-रोज के झगड़े से परेशान होकर दंपती की बड़ी बेटी ने कुटुंब न्यायालय में शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद न्यायालय ने माता-पिता को काउंसलिंग के लिए बुलाया।
*पत्नी को तलाक देने और बेटियों को प्यार करने की बात कही-:*
काउंसलिंग के दौरान पति ने स्वीकार किया कि वह अपनी सहकर्मी अधिकारी के साथ रहना चाहता है। वह पत्नी को तलाक देने के लिए भी तैयार था। उसका कहना था कि उसे घर आने का मन नहीं करता है, क्योंकि वहां हर रोज पत्नी से लड़ाई होती है। वह बेटियों को प्यार करता है, लेकिन वह पत्नी के साथ नहीं रह सकता। काउंसलिंग करने वालों का कहना है कि मामला पांच वर्ष तक चला है। दंपती के बीच पहले से ही विश्वास की कमी इतनी बढ़ चुकी थी कि समझौता मुश्किल हो गया था।
*आर्थिक सुरक्षा की शर्त और प्रेमिका की रजामंदी-:*
बच्चों के भविष्य को देखते हुए समझौता कराया गया। अब पति-पत्नी के बीच आपसी सहमति से विवाह विच्छेद की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पत्नी ने बेटियों और खुद के लिए आर्थिक सुरक्षा की मांग रखते हुए एक डुप्लेक्स और 27 लाख रुपये की शर्त रखी। इस प्रस्ताव को पति की प्रेमिका ने स्वीकार कर लिया। प्रेमिका का कहना था कि उसे भी अपने प्रेमी की पत्नी और उनकी बेटियों के भविष्य की चिंता है। इस कारण उसने इस शर्त को स्वीकार कर नकद राशि और मकान उन्हें दे दिया।