यूपी लाइव न्यूज 24 उत्तर प्रदेश
ब्यूरो प्रमुख दुर्गेश अवस्थी
हम अक्सर चिप्स, कुकीज या नमकीन का पैकेट खरीदते हैं और खा लेते हैं। बहुत कम लोग पैकेट को पलटकर उसके पीछे देखते हैं कि जो फूड वो खा रहे हैं, उसकी न्यूट्रिशनल वैल्यू क्या है। उसमें कितना शुगर, नमक या फैट है। पैकेट पर लिखी ये इंफॉर्मेशन ही बताती है कि फूड कितना हेल्दी है या कितना अनहेल्दी।
लेकिन अगर यह जानकारी पैकेट के फ्रंट पर रंगों और ग्राफिक्स के साथ आसान तरीके से लिखी हो तो एक ही नजर में बहुत आसानी से ये जानकारी हमें मिल जाएगी। हमारे लिए हेल्दी फूड का चुनाव भी आसान हो जाएगा। इसे ‘फ्रंट‑ऑफ‑पैक लेबलिंग’ कहते हैं।
हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने FSSAI (भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण) और केंद्र सरकार को एक जरूरी निर्देश दिया है। कोर्ट ने कहा है कि पैकेज्ड फूड पर “फ्रंट-ऑफ-पैक वॉर्निंग लेबल” लगाने पर विचार किया जाए।
यह लेबल पैकेट के सामने ही जरूरी जानकारी दिखाएगा ताकि कंज्यूमर खरीदने से पहले ही जान सकें कि उसमें कितना शुगर, नमक और फैट है।