यूपी लाइव न्यूज 24 उत्तर प्रदेश
उप संपादक संजय मिश्रा
बिलासपुर: संस्कारधानी में भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई करते हुए एसीबी ने बिलासपुर में पदस्थ फूड इंस्पेक्टर को रिश्वत लेते रंगे हाथ पकडा है. दरअसल मस्तूरी विकासखंड के ग्राम विद्याडीह के रहने वाले प्रार्थी महेंद्र पटेल ने एसीबी कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई थी. शिकायत में पीड़ित फरियादी ने कहा था कि उनकी भाभी के द्वारा संचालित शैल स्वयं सहायता समूह के नाम पर शासकीय उचित मूल्य की दुकान है. इस दुकान का वह हस्तांतरण कराना चाह रहे हैं. इसको लेकर एक आवेदन भी एसडीएम कार्यालय में तीन महीने से जांच प्रतिवेदन नही मिलने से लंबित है. आरोप है कि जांच प्रतिवेदन प्रस्तुत करने और आदेश कराने के एवज में संबंधित फूड इंस्पेक्टर श्याम वस्त्रकार द्वारा एक लाख रुपये की रिश्वत की मांग की गई.
फूड इंस्पेक्टर रिश्वत लेते गिरफ्तार
फरियादी का कहना है कि आरोपी फूड इंस्पेक्टर उसपर पैसे देने का दबाव बना रहा था. जब वो पैसे देने को तैयार नहीं हुआ तो उसके काम को आरोपी फूड इंस्पेक्टर टालता चला गया. प्रार्थी का कहना था कि वो नियमों के तहत ही काम करना चाहता है. जब आरोपी फूड इंस्पेक्टर नियमों के तहत काम करने को तैयार नहीं हुआ, तब फरियादी ने इस बात की शिकायत एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम से की.
एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने किया आरोपी को ट्रैप
एसीबी की टीम ने फरियादी से मिली शिकायत के बाद आरोपी को रंगेहाथों रिश्वत की रकम लेते गिरफ्तार किया. फरियादी ने बताया कि वो तय समय के मुताबिक एसीबी की निगरानी में आरोपी के महावीर सिटी निवास पर पहुंचा और 90 हजार की रिश्वत आरोपी थमाई. जैसे ही फूड इंस्पेक्टर ने रिश्वत की रकम अपने हाथों में ली. पहले से सतर्क खड़े एसीबी के लोगों ने उसे गिरफ्तार कर लिया. एसीबी की टीम ने केमिकल लगे नोटों की बरामदगी भी आरोपी के पास से की.फिलहाल एसीबी ने आरोपी के खिलाफ धारा 7 पीसीएक्ट 1988 (यथासंशोधित अधिनियम 2018) के प्रावधानो के तहत अपराध दर्ज कर आगे की वैधानिक कार्रवाई कर रही है.