यूपी लाइव न्यूज 24 उत्तर प्रदेश
ब्यूरो प्रमुख दुर्गेश अवस्थी
ऐसा बहुत कम होता है जब बेहद शालीन और शांत रहने वाली राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू किसी पर गुस्सा हो जाएं. लेकिन ये नजारा शनिवार को देखने के लिए मिला पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग में, जहां उन्होंने राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का नाम लेकर गुस्सा जाहिर किया क्योंकि नॉर्थ बंगाल में इंटरनेशनल आदिवासी कॉन्क्लेव के लिए परमिशन नहीं दी गई, जहां राष्ट्रपति चीफ गेस्ट थीं. उन्होंने अपने भाषण में साफ तौर पर कहा, “संथालों को वेन्यू तक पहुंचने से रोक दिया गया था.” यह भी आरोप है कि पश्चिम बंगाल सरकार ने प्रोटोकॉल फॉलो नहीं किया और प्रदेश सरकार के किसी भी रिप्रेजेंटेटिव ने राष्ट्रपति को रिसीव नहीं किया.
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु शनिवार को दार्जिलिंग, पश्चिम बंगाल में 9वें अंतरराष्ट्रीय संथाल कॉन्फ्रेंस में शामिल हुईं थीं. इस मौके पर राष्ट्रपति ने कहा कि यह संथाल समुदाय के लिए गर्व की बात है कि हमारे पूर्वज तिलका मांझी ने करीब 240 साल पहले शोषण के खिलाफ बगावत का झंडा उठाया था. उनके बगावत के करीब 60 साल बाद, बहादुर सिदो-कान्हू और चांद-भैरव ने बहादुर फूलो-झानो के साथ मिलकर 1855 में संथाल हुल का नेतृत्व किया था.