पटना में एल पी जी लिए बड़ा खेला! सम्राट चौधरी और सदर एस डी एम के नाम पर उठवा लिए गैस सिलेंडर

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ब्यूरो प्रमुख दुर्गेश अवस्थी

 पटना में रसोई गैस के अवैध उठाव का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है. यहां कुछ लोगों ने मंत्री और अधिकारियों का नाम लेकर गैस सिलेंडर हासिल करने की कोशिश की, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया. बताया जा रहा है कि एक शख्स ने बिहार के डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी और पटना सदर  एसडीएम के नाम का इस्तेमाल कर इंडेन गैस एजेंसी से सिलेंडर उठवा लिया.
मामले की जानकारी मिलते ही प्रशासन हरकत में आ गया और तुरंत जांच शुरू कर दी गई. जानकारी के अनुसार संबंधित इंडेन गैस एजेंसी के संचालक सत्या से अधिकारियों ने पूछताछ की. पूछताछ में एजेंसी संचालक ने बताया कि एक व्यक्ति ने खुद को बड़े अधिकारियों से जुड़ा बताते हुए गैस सिलेंडर की मांग की थी.बताया जा रहा है कि उस व्यक्ति ने पहले 15 सिलेंडर की मांग की थी, लेकिन बड़े नाम सामने आने के बावजूद एजेंसी ने एहतियात के तौर पर केवल 4 सिलेंडर ही उपलब्ध कराए. बाद में जब यह मामला प्रशासन के संज्ञान में आया तो जांच में सामने आया कि डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी और एसडीएम का उस व्यक्ति से कोई संबंध नहीं है और उनके नाम का गलत इस्तेमाल किया गया था. प्रशासनिक जांच में यह भी स्पष्ट हुआ कि एजेंसी संचालक को धोखे में रखकर गैस सिलेंडर उठाया गया था. मामले के सामने आते ही प्रशासन ने इसे गंभीरता से लिया है और अब कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी गई है.सूत्रों के अनुसार इस मामले में एजेंसी संचालक और डिप्टी सीएम और एसडीएम का नाम इस्तेमाल करने वाले व्यक्ति के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की तैयारी की जा रही है. अधिकारियों का कहना है कि जांच के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, ताकि भविष्य में इस तरह से बड़े अधिकारियों का नाम लेकर किसी भी तरह की अवैध गतिविधि को अंजाम न दिया जा सके. फिलहाल प्रशासन पूरे मामले की विस्तृत जांच कर रहा है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इस गैस उठाव के पीछे कौन लोग शामिल थे और इसका असली उद्देश्य क्या था.पटना में एलपीजी सिलेंडर को लेकर सामने आए मामले पर बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के कार्यालय ने सफाई दी है. उपमुख्यमंत्री के आप्त सचिव शैलेंद्र ओझा ने कहा कि उपमुख्यमंत्री कार्यालय से गैस सिलेंडर मंगाने की बात पूरी तरह बेबुनियाद और भ्रामक है. उन्होंने स्पष्ट किया कि उपमुख्यमंत्री कार्यालय में एसडीओ का कोई पद ही नहीं है, इसलिए लगाए जा रहे आरोप तथ्यहीन हैं. उन्होंने कहा कि पूरे मामले की जांच कर सच्चाई सामने लाई जाएगी और अफवाह फैलाने या बड़े नाम का गलत इस्तेमाल करने वालों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.

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