यूपी लाइव न्यूज 24 उत्तर प्रदेश
सह संपादक कपिल गुप्ता
शिवगढ़, रायबरेली
विकास खंड शिवगढ़ के ब्लॉक सभागार भवानीगढ़ में आज ‘निपुण भारत मिशन’ एवं ‘सर्व शिक्षा अभियान’ के अंतर्गत ग्राम प्रधानों एवं स्थानीय प्राधिकारी निकाय के सदस्यों के लिए एक दिवसीय उन्मुखीकरण कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि ब्लॉक प्रमुख कुँवर हनुमन्त प्रताप सिंह द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। खण्ड शिक्षा अधिकारी अनिल कुमार मिश्र ने उपस्थित सभी अतिथियों और प्रतिनिधियों का स्वागत करते हुए कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की।
प्रमुख उपस्थिति एवं सहभागिता
इस महत्वपूर्ण कार्यशाला में स्थानीय निकाय के सदस्यों और शिक्षा जगत से जुड़े प्रबुद्ध जनों ने सक्रिय रूप से अपनी सहभागिता दर्ज कराई। कार्यक्रम में मुख्य रूप से राजकुमार सिंह, पवन सिंह, रणविजय सिंह, चंद्रिका प्रसाद, अशर्फी लाल यादव, जानकी शरण जायसवाल एवं शिवेंद्र सिंह उपस्थित रहे।
शिक्षा क्षेत्र से वरिष्ठ शिक्षक प्रदीप त्रिवेदी, गयेंदु सिंह, सुरेंद्र वर्मा, राजेंद्र बाजपेई, डॉ. चंद्रप्रकाश के साथ-साथ गायत्री देवी, सुमन और हिमांशी सिंह भी मौजूद रहीं। कार्यक्रम के तकनीकी सत्रों के संचालन में ब्लॉक के समस्त ए.आर.पी. (ARP) ने अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
कार्यक्रम के मुख्य उद्देश्य एवं संकल्प
इस एक दिवसीय सत्र का आयोजन शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने और सामुदायिक सहभागिता बढ़ाने के उद्देश्य से किया गया था, जिसके मुख्य बिंदु निम्नलिखित रहे:
निपुण भारत मिशन: कक्षा 3 तक के बच्चों में आधारभूत साक्षरता और संख्यात्मक ज्ञान (FLN) के लक्ष्यों को समय सीमा के भीतर प्राप्त करने हेतु जनप्रतिनिधियों को जागरूक करना।
ऑपरेशन कायाकल्प: ग्राम पंचायत निधि के माध्यम से परिषदीय विद्यालयों में शुद्ध पेयजल, शौचालय, बिजली और टाइलीकरण जैसी मूलभूत सुविधाओं को पूर्ण कर स्कूलों का स्वरूप बदलना।
नामांकन वृद्धि: गाँव के प्रत्येक बच्चे का स्कूल में पंजीकरण सुनिश्चित करना और ‘आउट ऑफ स्कूल’ बच्चों को पुनः शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ना।
सामुदायिक समन्वय: विद्यालय प्रबंधन समितियों (SMC) को सक्रिय करना और शिक्षा विभाग व स्थानीय प्रशासन के बीच बेहतर तालमेल बिठाना ताकि शिक्षा एक ‘जन-आंदोलन’ बन सके।
* मुख्य अतिथि कुँवर हनुमन्त प्रताप सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि गाँव के विकास की असली नींव शिक्षा है। उन्होंने ग्राम प्रधानों और सदस्यों से अपील की कि वे अपने-अपने क्षेत्रों के विद्यालयों को ‘आदर्श विद्यालय’ बनाने में अपना पूर्ण सहयोग दें। अंत में खण्ड शिक्षा अधिकारी ने सभी का आभार व्यक्त किया और बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए मिलकर कार्य करने का संकल्प लिया गया।