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मुख्य संपादक प्रवीण सैनी लखनऊ
पर्यावरण, शिक्षा और महिला सशक्तिकरण का संगम: समग्र विकास मॉडल लगातार आगे बढ़ता हुआ — डॉ. राजेश्वर सिंह
पीलीभीत/ लखनऊ। मुस्तफाबाद फॉरेस्ट गेस्ट हाउस, पीलीभीत टाइगर रिजर्व में “एनवायरनमेंट वॉरियर्स: दी गार्जियंस ऑफ दी ग्रीन” के नौवें चरण के अंतर्गत साइकिल एवं स्कूल किट वितरण कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. राजेश्वर सिंह उपस्थित रहे।
इस अवसर पर 25 फॉरेस्ट वॉचर्स को साइकिलें वितरित की गईं, जिससे उनकी पेट्रोलिंग क्षमता में वृद्धि होगी और वन सुरक्षा को और मजबूती मिलेगी। डॉ. सिंह ने इसे पर्यावरण संरक्षण और ग्राउंड-लेवल सपोर्ट का प्रभावी उदाहरण बताया।
उन्होंने टाइगर रिजर्व में शाकाहारी प्रजातियों, विशेषकर विभिन्न हिरण प्रजातियों की बढ़ती संख्या को स्वस्थ इकोसिस्टम का सकारात्मक संकेत बताया, जो 1980 के दशक जैसी स्थिति की पुनरावृत्ति दर्शाता है। इस मौके पर वन एवं वन्य जीव संरक्षण के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य कर रहे जिला वन अधिकारी मनीष सिंह एवं क्षेत्रीय वन अधिकारी सहेंद्र यादव की सराहना की। साथ ही, उन्होंने सीएसआर फंड्स के माध्यम से पीलीभीत टाइगर रिजर्व के लिए अतिरिक्त वाटर पंप उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया तथा एनवायरनमेंट प्रोटेक्शन कार्यक्रम को आगे बढ़ाने के लिए पीताम्बरा ट्रस्ट का आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम के तहत प्राथमिक विद्यालय चोखापुरी के 10 मेधावी छात्राओं को साइकिलें और बच्चों को वेलकम किट वितरित की गई। डॉ. सिंह ने कहा कि एजुकेशन सशक्त समाज की नींव है और इस प्रकार के प्रयास बालिकाओं को आगे बढ़ने तथा बच्चों में पढ़ाई के प्रति उत्साह बढ़ाने में सहायक हैं। इस दौरान उन्होंने प्रधानाध्यापक मुनीश पाठक की भी प्रशंसा की।
कार्यक्रम में आयोजित स्पॉन्टेनियस क्विज़, कविता और गीत प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए उन्होंने युवाओं को देश का भविष्य बताया और उनकी ऊर्जा को “ब्राइट इंडिया” की झलक बताया।
डॉ. सिंह ने ग्रामीणों और बच्चों से अधिक से अधिक प्लांटेशन करने तथा वाइल्डलाइफ प्रोटेक्शन का संकल्प लेने का आह्वान किया। उन्होंने बताया कि अब तक विभिन्न टाइगर रिजर्व क्षेत्रों में 250 साइकिल, 2000 जैकेट्स और 100 निकॉन बाइनाक्युलर्स वितरित किए जा चुके हैं, साथ ही दो विद्यालयों में 2 स्मार्ट क्लास की स्थापना कराई गई है तथा महिलाओं के स्वावलंबन के लिए 20 सिलाई मशीनें प्रदान कर 2 तारा शक्ति सिलाई केंद्र भी स्थापित किए गए हैं, तथा वनजीवन के लिए पानी की सरल उपलब्धता हेतु सोलर संचालित वाटर पम्प भी स्थापित कराए गए हैं।
लखनऊ में आयोजित “नेट जीरो @ सरोजनीनगर” अभियान का उल्लेख करते हुए उन्होंने जनजागरूकता को पर्यावरण संरक्षण की कुंजी बताया। साथ ही, सरोजनी नगर क्षेत्र में 200 रुद्राक्ष पौधों के रोपण की जानकारी दी।
अंत में डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा कि यह पहल एनवायरनमेंट प्रोटेक्शन के साथ-साथ वीमेन एम्पावरमेंट और एजुकेशनल डेवलपमेंट को समान प्राथमिकता देती है, और यह अभियान निरंतर जारी रहेगा। कार्यक्रम में अम्बिका मिश्रा, अजय गुप्ता, सिद्धार्थ हरीश, डीएफओ मनीष सिंह, आरएफओ सहेंद्र यादव व प्रधानाध्यापक मुनीश पाठक भी उपस्थित रहे।