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मुख्य संपादक प्रवीण सैनी लखनऊ
गोमती नगर स्थित इन्दिरा गाँधी प्रतिष्ठान के मार्स हॉल मैं श्री लाल जी टंडन फाउंडेशन द्वारा श्री लाल जी टंडन कृत पुस्तक स्मृति नाद का भारत सरकार रक्षामंत्री एवं लखनऊ सांसद राजनाथ सिंह, मंच पर जूना पीठाधीश्वर, हरिद्वार आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरि जी महाराज, उप मुख्यमंत्री बृजेश पाठक, अध्यक्ष आनन्द द्विवेदी सहित मंच पर उपस्थित महानुभावो ने पुस्तक का लोकार्पण किया।
रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि आज हम लखनऊ में लालजी टंडन की जयंती पर उपस्थित हुए है उन्हें शीश नवाकर नमन करता हूं। टंडन जी इस पुस्तक के लोकार्पण और प्रकाशन के लिए बहुत उत्साहित थे । लेकिन वो इससे पहले हमे छोड़कर चले गए।
कई महानुभाव की छाप टंडन जी पर थी और टंडन जी की छाप कई लोगों पर थी।
सर्व धर्म संभव ये सिद्धांत था लालजी टंडन का जिसका जिक्र भी इस पुस्तक स्मृति नाद में है।
प्रधानमंत्री मोदी जी को लेकर भी जो भ्रांतियां फैलाई गई उसका भी जिक्र इस पुस्तक में है।
इसमें संस्कृति और सभ्यता का समावेश भी लालजी टंडन ने पुस्तक में किया है।
एक नौजवान था जिसने प्लेन हाईजैक कर रखा था उसने अटल जी से बात करने की शर्त रखी थी जिसके बाद अटल जी मौके पर गए और नौजवान ने उनके पैर छूने की कोशिश की जिसके बाद उसे गिरफ्तार किया गया।
इमरजेंसी के दौरान टंडन जी मेडिकल कॉलेज में भर्ती थे इस दौरान एक राजपाल की बेटी बीमार थी उसे एडमिट करने के दौरान हॉस्पिटल खाली कराया जा रहा था तब लालजी टंडन ने इसका विरोध किया था।
कई रोचक तथ्य इस पुस्तक में है।
लालजी टंडन का पूरा जीवन लखनऊ की संस्कृति विकास इसके बदलाव के लिए बीता। लखनऊ को अपने भीतर सम्माहित कर लिया था लखनऊ उनकी कर्म और जन्म भूमि रही। लखनऊ का खान पान यहां की संस्कृति लालजी टंडन में समाई हुई थी।
बाबू जी के नाम का मतलब था लखनऊ और चौक का सोंधी टोला। टंडन जी के घर के द्वारा सदैव सभी के लिए खुले रहते थे वो सभी की बात सुनते थे वो निर्णय लेने में निर्भीक थे । जिसे लेकर कई अवैध निर्माण को लेकर कार्य किए।
कानून व्यवस्था और न्याय सबसे सर्वप्रिय था उनके लिए। सिद्धांतों को चुना सुविधा को कभी नहीं चुना टंडन जी ने। पक्षियों के प्रति प्रेम था उनमें। राजनीति सत्ता का माध्यम नहीं सेवा का भाव ये टंडन जी ने बताया था। लॉक डाउन के वक्त जब वो मध्य प्रदेश के राज्यपाल थे लोगो के लिए प्रतिदिन गुणवत्मक भोजन की व्यवस्था देने का निर्णय लिया था ।
उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने कहा कि आदरणीय श्रद्धेय बाबू जी लालजी टंडन की स्मृति नाद पुस्तक के लोकार्पण के मौके पर उपस्थित सभी का मै स्वागत करता हूं। पूज्य बापू को हृदय की गहराइयों से श्रद्धा सुमन अर्पित करता हूं संजय चौधरी का भी आभार करता हूं। लखनऊ की सभ्यता को पुस्तक में सहजना आसान नहीं है। अटल जी की स्मृतियों को नमन करता हूं दलगत भावना से उठकर अटल जी कार्य करते थे लालजी टंडन की बात हो और अटल जी की बात न हो इसलिए मैं कहना चाहता हूं कि पूज्य बाबू जी की स्मृतियों को सहजने का सपना उनकी परम्परा जो उन्हीं लखनऊ को लेकर सपना देखा था लखनऊ के विकास को लेकर सपना देखा था। जिसे अटल जी ने सोचा था उसे आगे बढ़ाने का कार्य राजनाथ सिंह जी कर रहे है मै स्मृति नाद की पुस्तक के लोकार्पण और उसकी सफलता के लिए बधाई देता हूं।
मंच पर सांसद बृजलाल, संजय सेठ, महापौर सुषमा खर्कवाल, क्षेत्रीय अध्यक्ष कमलेश मिश्रा, महानगर अध्यक्ष आनंद द्विवेदी, विधायक डॉ० नीरज बोरा, योगेश शुक्ला, ओ पी श्रीवास्तव, एमएलसी डॉ० महेन्द्र कुमार सिंह, मुकेश शर्मा, रामचंद्र प्रधान, पवन सिंह चौहान, अवनीश कुमार सिंह, उपस्थित रहें।