यूपी लाइव न्यूज 24 लखनऊ रायबरेली
वरिष्ठ ब्यूरो चीफ हेमराज मौर्या
रुद्रप्रयाग. उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में केदारनाथ पैदल मार्ग पर भीमबली में रविवार को भारी भूस्खलन होने से कुछ देर के लिए मंदाकिनी नदी का जलप्रवाह रुक गया और एक झील बन गई. हालांकि, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने बताया कि बाद में झील से पानी का बहाव होने लगा.
उन्होंने बताया कि गौरीकुंड से कुछ किलोमीटर आगे भीमबली हेलीपैड के सामने नदी के दूसरी ओर की पहाड़ी से यह भूस्खलन दोपहर बाद हुआ जिससे मंदाकिनी नदी में कुछ देर के लिए जलप्रवाह रुक गया और झील बन गई.
रजवार ने कहा कि हालांकि, झील से पानी का बहाव होने लगा है. उन्होंने बताया कि अब कोई खतरा नहीं है, लेकिन जिला आपदा प्रबंधन केंद्र द्वारा एहतियातन नदी किनारे रह रहे लोगों को सतर्क कर दिया गया है.
उन्होंने कहा कि गौरीकुंड से रुद्रप्रयाग तक अलर्ट जारी कर दिया गया है और नदी किनारे रह रहे लोगों से अपील की गई है कि कोई भी व्यक्ति नदी के तरफ न जाए. नदी के किनारे रह रहे लोगों से सतर्क रहने को कहा गया है. लगातार बारिश होने की वजह से वहां श्रद्धालुओं का भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
गौरतलब है कि 31 जुलाई की रात केदारनाथ धाम में भारी बारिश के कारण भी भूस्खलन हुआ था, जिसमें सैकड़ों श्रद्धालु यात्रा में फंस गए थे. यात्रियों को बचाने के लिए एनडीआरएफ, एसडीआएफ, वायुसेना और स्थानीय पुलिस ने रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया. लापता लोगों को खोजने के लिए स्निफर डॉग की मदद ली गई है.
केदारनाथ घाटी में लिंचोली से भीमबली के बीच ड्रोन के माध्यम से भी एसडीआरएफ का खोज अभियान चलाया गया. सैकड़ों लोगों को हेलीकॉप्टर की मदद से सुरक्षित निकाला जा चुका है. रिपोर्ट के मुताबिक, केदारनाथ धाम में अब भी हजार से अधिक लोग मौजूद हैं, जिसमें कुछ यात्री भी शामिल हैं. अब तक 10 हजार से ज्यादा यात्रियों को निकाला जा चुका है.