यूपी लाइव न्यूज 24 उत्तर प्रदेश
उप संपादक संजय मिश्रा
वाराणसी कुछ विदेशी ताकतों तथा विधर्मियों द्वारा सनातन धर्म एवं हिंदू संस्कृति के खिलाफ लगातार साजिश रची जा रही है। ऐसे में प्रबुद्धजनों को सतर्क रहना होगा। विश्व के कुछ देशों को भारत का उत्थान सहन नहीं हो रहा, वे यहां लूली लंगड़ी सरकार चाहते हैं ताकि उनकी बादशाहत कायम रहे। विश्व हिन्दू परिषद काशी प्रांत द्वारा शुक्र वार को आयोजित (रामाश्रय वाटिका) कचहरी एवं बीएचयू के वैदिक विज्ञान केंद्र में प्रबुद्ध जनों की गोष्ठी में बतौर मुख्य वक्ता विश्व हिन्दू परिषद के केंद्रीय संगठन महामंत्री मिलिंद परांडे ने उक्त बातें कहीं।
उन्होंने कहा कि कट्टर विधर्मियों के साथ ग्लोबल मार्केट के खिलाड़ी हमारी संस्कृति के खिलाफ नया-नया कुचक रच कर अपना नेरेटिव सेट कर रहे हैं। कई देश चाहते हैं कि भारत में हिंदू समाज खंड-खंड में विभक्त रहें, ताकि उनकी दुकानदारी चलती रहे। उन्होंने कहा कि कट्टरवादियों के साथ मिलकर कुछ देश जनता द्वारा चुनी गई। सरकारों को कमजोर करने का कुचक्र रचते हैं। बांग्लादेश में चुनी गई सरकार को उखाड़ फेंकना व हिंदू समाज पर जघन्य हमला उसी का हिस्सा था। भारत में भी बांग्लादेश जैसा जघन्य कृत्य करने की धमकी दी गई है। ऐसे में हिंदू समाज को एकत्रित होकर ऐसी ताकतों का कड़ा प्रतिकार करना होगा।
परांडे ने कहा कि 1947 में देश आजाद हुआ लेकिन उसके पूर्व हजारों साल तक हमारी संस्कृति पर आक्रमण होता रहा। सनातन संस्कृति को मिटाने की लाख कोशिशे की गई लेकिन हम फिर से उठ खड़े हुए। आज पूरी दुनिया भारत का लोहा मान रही है। प्रबुद्धजनों को यह समझना होगा कि एक तरफ हम विश्व की तीसरी आर्थिक शक्ति बनने जा रहे हैं तो दूसरी तरफ विदेशी षड्यंत्र और कट्टरवादियों के खतरे से भी हम जूझ रहे हैं। देश को कमजोर करने के लिए ऐसे षड्यंत्र रचे जा रहे ताकि युवा, महिला, अनुसूचित जाति, अगड़ा, पिछड़ा में हिंदू समाज को अलग-अलग बाट जाए।
युवा शक्ति को जगा कर हिंदू एकता के लिए सभी संकल्पित होना होगा। उन्होंने कहा कि 16वीं शताब्दी तक समूचे विश्व की 35 फीसदी संपदा भारत के पास रही जो 17 वीं सदी तक घटकर 22 फीसदी हो गई। 21वीं सदी में भारत में फिर से आर्थिक सामरिक क्षेत्र में अपना डंका बजाने लगा है तो विश्व के कुछ बड़े देश जलने लगे। वसुधैव कुटुंबकम की राह पर चलने वाले हम वो पथिक हैं जो कभी विश्व गुरु रहे। महर्षि अरविंद ने भी कहा था कि भारत की स्वाधीनता स्वयं के लिए नहीं बल्कि विश्व कल्याण के लिए ही है। बनारस हिंदू विश्वविद्यालय में कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे विश्व वैदिक विज्ञान केंद्र के समन्वयक प्रोफेसर उपेंद्र कुमार त्रिपाठी ने महामना पंडित मदन मोहन मालवीय के जीवनवृत्त पर विस्तार से चर्चा की
इस दौरान क्षेत्रीय संगठन मंत्री गजेंद्र, विश्व हिंदू परिषद काशी प्रांत के अध्यक्ष कविंद्र प्रताप सिंह, सह मंत्री सत्यप्रकाश सिंह, प्रांत सह प्रचार प्रमुख डॉ. लोकनाथ पांडेय, डॉक्टर हरेंद्र राय, प्रतिभा, विभाग अध्यक्ष कन्हैया सिंह, काशी उत्तर भाग के अध्यक्ष, वरिष्ठ अधिवक्ता राजेश पांडेय, काशी दक्षिण के अध्यक्ष सच्चिदानंद सिंह, काशी ग्रामीण के जिला अध्यक्ष राजेश पांडे, सेंट्रल बार के अध्यक्ष मुरलीधर सिंह बनारस बार के अध्यक्ष अवधेश जी, विजय सिंह, डॉक्टर विनय, धीरेंद्र सिंह उर्फ धीरू, आनंद पांडेय समेत अनेक प्रोफेसर विद्वत्जन एवं वरिष्ठ अधिवक्ता मौजूद रहे।